लखनऊ, सात मई (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को जनगणना-2027 के तहत डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की।
‘जन भवन’ (राज भवन) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक राज्यपाल ने डिजिटल पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की।
राज्यपाल ने प्रदेश में स्वगणना पोर्टल की शुरुआत करते हुए भारत सरकार एवं राज्य सरकार को बधाई दी तथा प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जनगणना अधिकारियों द्वारा मांगी जाने वाली जानकारी को पूर्ण, सही एवं तथ्यात्मक रूप से उपलब्ध कराएं, जिससे भविष्य में नागरिकों के हित में प्रभावी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में सहायता मिल सके।
बयान के अनुसार राज्यपाल ने जनगणना 2001 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस व्यापक प्रक्रिया से प्राप्त आंकड़े विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि जनगणना का प्रभाव किसान, युवा, महिला सहित समाज के प्रत्येक वर्ग पर पड़ता है तथा इससे प्राप्त आंकड़े सरकार को परिस्थितियों के अनुरूप नीतियां एवं योजनाएं बनाने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का समुचित उपयोग किया जाना चाहिए। यदि देश को सच्चा, सही एवं त्वरित डाटा प्राप्त होगा, तो उसी के आधार पर नए भारत एवं विकसित भारत की मजबूत आधारशिला रखी जा सकेगी।
इस अवसर पर मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा द्वारा जनगणना-2027 के स्व-गणना पोर्टल से संबंधित एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां राज्यपाल के समक्ष साझा की। इस अवसर पर राज्यपाल को एक स्मृति चिह्न भी प्रदान किया गया।
भाषा सलीम मनीषा धीरज
धीरज