Indian Army on Operation Sindoor First Anniversary || Imsge- AI Generated File
जयपुर: पूर्व सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर इसे भारत की रणनीतिक और सैन्य नीति में एक निर्णायक मोड़ बताया। (Indian Army on Operation Sindoor First Anniversary) उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की बदलती सोच और सख्त रुख का प्रतीक था। जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत ने पहली बार बेहद स्पष्ट और सुनियोजित तरीके से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार जाकर आतंकी ढांचे को निशाना बनाया।
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लेफ्टिनेंट जनरल घई ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य आतंकवादी संगठनों की क्षमता को कमजोर करना और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना था। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव का संकेत था, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई की शुरुआत थी। घई ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता, जिम्मेदारी और पेशेवर तरीके से कार्रवाई करता रहेगा। (Indian Army on Operation Sindoor First Anniversary) उन्होंने दुष्यंत कुमार की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा कि केवल शोर मचाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि हालात बदलना जरूरी है।
पूर्व डीजीएमओ ने बताया कि सरकार ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य दिए थे। सेना को अभियान की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए पूरा परिचालन लचीलापन प्रदान किया गया था। उनका कहना था कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आतंकी तंत्र को नष्ट करना, उनकी योजनाओं को विफल करना और भविष्य में होने वाली घुसपैठ तथा हमलों को रोकना था।
7 मई 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में स्थित नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैडों को निशाना बनाया था। इन ठिकानों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से बताया गया। भारतीय सेना ने इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया था।
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भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और गोलाबारी के जरिए जवाब दिया, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिनों तक तनावपूर्ण संघर्ष चला। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाहौर और गुजरांवाला के पास स्थित कई रडार प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया। (Indian Army on Operation Sindoor First Anniversary) भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ से संपर्क किया और 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी, जिसके बाद संघर्ष समाप्त हुआ।