नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को म्यूचुअल फंड निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज सुविधा’ शुरू करने की घोषणा की।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र में कहा कि यह सुविधा डीमैट वाले और बिना डीमैट वाले दोनों तरह के फोलियो के लिए उपलब्ध होगी। इसके तहत निवेशक अपना फोलियो लॉक कर सकेंगे, जिससे लॉक रहने तक उस फोलियो से म्यूचुअल फंड यूनिट डेबिट नहीं की जा सकेंगी।
बाजार नियामक ने कहा कि स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज सुविधा 30 अप्रैल से शुरू हो जाएगी।
सेबी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड फोलियो लॉक करने की सुविधा पहले चरण में रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के जरिये ‘एमएफ सेंट्रल’ मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा केवल उन निवेशकों के लिए होगी जिनका केवाईसी पूरा है और जिनके वैध ईमेल आईडी एवं मोबाइल नंबर दर्ज हैं।
म्यूचुअल फंड उद्योग संगठन ‘एम्फी’ को फोलियो लॉक और अनलॉक करने की विस्तृत प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया गया है। यह भी तय किया जाएगा कि लॉक अवधि के दौरान कौन-कौन से वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन की अनुमति होगी।
सेबी ने कहा कि सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) और आरटीए इस सुविधा को अपनाने की प्रक्रिया तथा लॉक अवधि के दौरान लेनदेन पर इसके प्रभाव से जुड़ी जानकारी अपनी वेबसाइट और अतिरिक्त सूचना विवरण (एसएआई) में सार्वजनिक करेंगे।
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