नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) डाक या कूरियर के जरिये कम से कम छह महीने से निर्यात करने वाले और ई-कॉमर्स के माध्यम से बिक्री के लिए विदेशों के गोदामों में अपना माल रखने वाले सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को अब 25,060 करोड़ रुपये के ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ के तहत ऋण सहायता मिल सकेगी। विदेश व्यापार महानिदेशालय ( डीजीएफटी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
डिजिटल चैनल का उपयोग करने वाले निर्यातकों का समर्थन करने के लिए, वाणिज्य मंत्रालय ने पिछले महीने ब्याज छूट और आंशिक क्रेडिट गारंटी के साथ ऋण सुविधाओं की घोषणा की थी। यह निर्यात प्रोत्साहन मिशन (ईपीएम) का हिस्सा है।
इस योजना का उद्देश्य एमएसएमई को उनके व्यवसाय के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी तक पहुंच बढ़ाना है। यह विशेष रूप से उन एमएसएमई के लिए है जो ई-कॉमर्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में काम कर रहे हैं। इससे वे भविष्य की मांग को देखते हुए पहले से माल तैयार कर सकेंगे और वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकेंगे।
भाषा योगेश अजय
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