उप्र: गोमती पुनरुद्धार की पहल ‘क्लीन गोमती 2026’ से तय होगा स्वच्छ और अविरल भविष्य
उप्र: गोमती पुनरुद्धार की पहल ‘क्लीन गोमती 2026’ से तय होगा स्वच्छ और अविरल भविष्य
लखनऊ, 20 फरवरी (भाषा) लखनऊ में शुक्रवार को गोमती नदी के पुनरुद्धार पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में नीति, तकनीक और वित्तीय मॉडल पर चर्चा की गई और एक वरिष्ठ अधिकारी ने नदी के स्वरूप को बहाल करने के लिए समन्वित, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आधिकारिक बयान के अनुसार राज्य परिवर्तन आयोग द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित ‘क्लीन गोमती 2026’ नामक कार्यशाला में नदी के संरक्षण और पुनरुद्धार पर चर्चा हुई।
मुख्य वक्तव्य में राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने गोमती को “उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा” बताया। उन्होंने कहा कि इसके संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए नीति निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और नागरिक सहभागिता को मिलाकर एक समग्र और सतत रणनीति की आवश्यकता है।
सिंह ने कहा कि गोमती का प्रदूषण केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं है, बल्कि यह सीधे जनस्वास्थ्य, आजीविका, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “इस कार्यशाला का आयोजन सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने और एक व्यावहारिक तथा लागू करने योग्य प्रारूप तैयार करने के लिए किया गया है।’’
भाषा आनन्द
खारी
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