उत्तर प्रदेश सरकार को होमस्टे नीति के तहत 3,000 से ज्यादा आवेदन मिले

उत्तर प्रदेश सरकार को होमस्टे नीति के तहत 3,000 से ज्यादा आवेदन मिले

उत्तर प्रदेश सरकार को होमस्टे नीति के तहत 3,000 से ज्यादा आवेदन मिले
Modified Date: May 26, 2026 / 08:25 pm IST
Published Date: May 26, 2026 8:25 pm IST

लखनऊ, 26 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार को 2025 में शुरू की गई अपनी ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट और होमस्टे नीति’ के तहत 3,000 से अधिक आवेदन मिले हैं और अब तक लगभग 900 होमस्टे तथा फार्मस्टे पंजीकृत कराए जा चुके हैं।

राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, पर्यटन विभाग ने बताया है कि यह नीति अयोध्या, वाराणसी, मथुरा-वृंदावन और आगरा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच, किफायती आवास की मांग को पूरा करने के लिए शुरू की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि साल 2026 की शुरुआत से इस नीति के तहत आवेदनों में खासी वृद्धि हुई है और यह पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है।

बयान के अनुसार, वाराणसी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज और लखनऊ में शहरी होमस्टे और फार्मस्टे की स्थापना में उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र विशेष रूप से बांदा, हमीरपुर, महोबा और झांसी में ग्रामीण होमस्टे की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

बयान में कहा गया है कि बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर जैसे जिले भी ग्रामीण पर्यटन स्थलों के रूप में उभर रहे हैं।

सरकार ने बताया कि यह नीति स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा कर रही है, जिसमें परिवार अपने खाली कमरों को आवासीय इकाइयों में बदल रहे हैं और इस मॉडल से सेवानिवृत्त लोगों, महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे घरों और उन परिवारों को फायदा हो रहा है, जिनके पास इस्तेमाल न होने वाली आवासीय संपत्तियां हैं।

पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में मदद कर रहा है, साथ ही गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “इस नीति के तहत होमस्टे और ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ इकाइयों का पंजीकरण एक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। पंजीकृत इकाइयां इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ और पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से प्रचार-प्रसार संबंधी सहायता पाने की पात्र हो जाती हैं।”

सिंह ने बताया कि इस नीति के अनुसार शहरी और ग्रामीण होमस्टे में अधिक से अधिक छह कमरे और 12 बिस्तर हो सकते हैं, जबकि ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ इकाइयों में, जहां मालिक परिसर में नहीं रहता है, वहां एक रखरखावकर्ता की नियुक्ति अनिवार्य है।

सरकारी बयान के मुताबिक, पंजीकृत इकाइयों से बिजली-पानी का बिल, गृह कर और सीवर कर आवासीय दरों पर ही लिया जाता रहेगा और लाभार्थी ‘प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना’ के तहत छत पर सौर पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी का लाभ भी उठा सकते हैं।

भाषा

सलीम पारुल

पारुल


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