उप्र: उच्च न्यायालय ने मुख्तार अंसारी के सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई रद्द करने से किया इनकार
उप्र: उच्च न्यायालय ने मुख्तार अंसारी के सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई रद्द करने से किया इनकार
लखनऊ, 20 अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को गाजीपुर के उसरी चट्टी हत्याकांड मामले में माफिया मुख्तार अंसारी से जुड़े कथित शार्पशूटर सरफराज अंसारी उर्फ मुन्नी के खिलाफ जाररी कानूनी कार्रवाई को रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका सोमवार को नामंजूर कर दी।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एक पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि अधीनस्थ न्यायालय में पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।
पीठ ने यह भी कहा कि मृतक मनोज राय के पिता और इस मामले में अहम गवाह शैलेंद्र कुमार राय का बयान भी दर्ज किया जा चुका है, ऐसे हालात में इस स्तर पर अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पूरी कानूनी कार्रवाई को रद्द करने का कोई औचित्य नहीं है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्ष 2001 में बृजेश सिंह के नेतृत्व वाले एक गुट ने मुख्तार अंसारी के गुट पर कथित रूप से हमला किया था, जिसमें अंसारी के विरोधी गुट से जुड़े मनोज राय समेत कई लोगों की मौत हो गई थी।
हालांकि 2023 में मनोज राय के पिता ने गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को बिहार के बक्सर से अगवा किया गया था और मुख्तार अंसारी के साथियों ने उसकी हत्या कर दी थी।
मनोज राय के पिता ने आरोप लगाया कि बाद में उनके बेटे की मौत को उसरी चट्टी घटना का हिस्सा बताकर पेश किया था।
जांच के दौरान अंसारी के शार्पशूटर सरफराज अंसारी का नाम सामने आया था और पुलिस ने इस सिलसिले में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके बाद मामले में सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
जितेंद्र

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