उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसानों के साथ बर्बरता की, मेरठ में हुई घटना की जांच कराई जाए: अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसानों के साथ बर्बरता की, मेरठ में हुई घटना की जांच कराई जाए: अखिलेश यादव
लखनऊ, 21 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में ‘थर्ड डिग्री’ यातना दी गई।
उन्होंने मामले की पूरी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “किसान का अपमान, देश का अपमान है! भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है।”
उन्होंने अमरोहा के सपा कार्यकर्ता दिग्विजय भाटी के आरोपों के समर्थन में यह टिप्पणी की है, जिन्होंने दावा किया था कि मेरठ में एक दलित लड़की की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई थी।
यादव ने पोस्ट में भाटी की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें उनकी आंख पर चोट के निशान देखे जा सकते हैं।
उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं को थाने में थर्ड डिग्री यातना देना दर्शाता है कि हार के डर से वह कितनी बौखलाई है।”
भाटी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शन में शामिल होने के कारण दो दिन पहले उनकी पिटाई की गई थी।
भाटी ने यह दावा भी किया कि विशेष अभियान समूह (एसओजी) के सदस्यों ने उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर कई घंटों तक यातना दी। वीडियो में भाटी की बाईं आंख काफी सूजी हुई दिखाई दे रही थी।
उत्तर प्रदेश में आईपीएस अधिकारियों के तबादले के तहत पांडेय को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।
यादव के आरोपों पर मेरठ पुलिस ने कहा कि 19 अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आए लोगों से दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों पर संज्ञान लिया गया है।
पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “19 अगस्त को मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आए लोगों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों/घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने मामले की जांच सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह को सौंपी है।”
पुलिस ने कहा कि डीआईजी को तथ्यों के आधार पर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, यादव ने भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए और कहा कि वह किसानों के हितों से समझौता कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खेती, भंडारण और बीज, खाद तथा कृषि उत्पादों के व्यापार और विपणन को “कुछ लोगों” को सौंपने के लिए विदेशी संस्थाओं के साथ समझौते कर रही है।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांगों को मानने से इनकार कर रही है, खरीद के वादों से पीछे हट रही है और किसानों को खाद के लिए “लंबी कतारों” में खड़ा होने को मजबूर कर रही है।
यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भूमि अधिग्रहण और तीन कृषि कानूनों के जरिए किसानों की “हर चीज पर कब्जा करना” चाहती थी और किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत पर चुप रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसान आत्महत्याओं पर दुख तक नहीं जताया और किसानों को वाहन से कुचलने के आरोपी अपने सहयोगियों को क्लीन चिट दे दी।
उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार से इससे ज्यादा और क्या उम्मीद की जा सकती है कि वह किसानों के कल्याण के नाम पर अपने कथित शुभचिंतकों के साथ मिलकर अपने हित साधेगी और ‘किसान नेताओं’ को ‘थर्ड डिग्री’ यातना देगी।”
यादव ने कहा, “देशभर के किसानों को देखना चाहिए कि सत्ता के सुख में डूबी भाजपा और उसके सहयोगी किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं।”
उन्होंने मामले की विस्तृत जांच, दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।
उन्होंने इसे “बेहद निंदनीय” बताते हुए अपनी पोस्ट का अंत नारे के साथ किया, “आज का किसान कहता है, हमें भाजपा नहीं चाहिए।”
भाषा आनन्द जोहेब
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