उप्र: लखनऊ में पुलिस ने लाखन आर्मी के सदस्‍यों को विवादित किले में जलाभिषेक से रोका

उप्र: लखनऊ में पुलिस ने लाखन आर्मी के सदस्‍यों को विवादित किले में जलाभिषेक से रोका

उप्र: लखनऊ में पुलिस ने लाखन आर्मी के सदस्‍यों को विवादित किले में जलाभिषेक से रोका
Modified Date: August 3, 2026 / 11:43 pm IST
Published Date: August 3, 2026 11:43 pm IST

लखनऊ, तीन अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलीहाबाद क्षेत्र में सावन के पहले सोमवार को कंसा पासी किले परिसर स्थित एक धार्मिक स्थल पर भगवान शिव को जल चढ़ाने जा रहे ‘लाखन आर्मी’ के सदस्यों को पुलिस ने किले में प्रवेश करने से रोक दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

मलिहाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि कंसा पासी किले की ओर जा रहे कुछ लोगों को वहां जाने से रोका गया, क्योंकि यह स्थल विवादित है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें किले से करीब 100 मीटर पहले ही रोक दिया। पुलिस के अनुसार, पासी समुदाय के लोग इस स्थल को महाराजा कंसा पासी का प्राचीन किला और परिसर में संरचना को भगवान शिव का मंदिर बताते हैं जबकि स्थानीय मुस्लिम समुदाय का दावा है कि यह एक मजार है।

‘लाखन आर्मी’ के प्रमुख सूरज पासी ने कहा कि उनका संगठन समाज के वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान तथा सनातन धर्म की रक्षा के लिए कार्य करता है। उन्होंने दावा किया कि कंसा पासी किले का निर्माण महाराजा कंसा पासी ने कराया था और परिसर में भगवान शिव को समर्पित सात मंदिर थे।

सूरज के अनुसार, समय के साथ मंदिर के अधिकांश हिस्से ध्वस्त हो गए और अब केवल एक संरचना शेष है, जिसमें सांप की आकृति और त्रिशूल का चिह्न मौजूद है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस परिसर में बाद में सीमेंट की कब्रें बना दी गईं। ‘लाखन आर्मी’ के प्रमुख ने कहा कि उनकी मुख्य मांग किले के भीतर स्थित शिव मंदिर में जल और मिट्टी चढ़ाने की अनुमति देने की थी।

सूरज ने दावा किया कि उन्हें और उनके समर्थकों को किले से करीब 500 मीटर पहले ही रोक दिया गया।

भाषा अरुणव आनन्‍द जितेंद्र

जितेंद्र


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