उप्र: गोरखपुर में छह घंटे की बारिश से सड़कें पानी में डूबीं, अखिलेश ने सरकार पर उठाए सवाल

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उप्र: गोरखपुर में छह घंटे की बारिश से सड़कें पानी में डूबीं, अखिलेश ने सरकार पर उठाए सवाल

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 08:49 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 08:49 PM IST

गोरखपुर/लखनऊ, 18 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह नगर गोरखपुर में शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक करीब छह घंटे हुई लगातार बारिश से मुख्य सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए तथा यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलभराव को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए खर्च पर सवाल उठाए।

गोरखपुर में शुक्रवार रात करीब एक बजे से शनिवार सुबह सात बजे तक हुई लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय के अनुसार, शहर में पिछले 24 घंटों में 110.2 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई।

सबसे अधिक असर राप्ती कॉम्प्लेक्स में देखा गया, जहां नाले की दीवार टूटने से बारिश और सीवेज का पानी करीब 250 दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ।

जिला अस्पताल के ओपीडी परिसर में भी पानी भर गया, जिसे शनिवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के दौरे से पहले पंप के जरिए निकाल दिया गया।

धर्मशाला, मोहद्दीपुर, गोलघर, रेती चौक, बेतियाहाटा, सिविल लाइंस, माया बाजार और जटेपुर सहित कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित रहा।

धर्मशाला क्षेत्र में घुटने तक पानी भर जाने से एक ई-रिक्शा पलट गया, हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

इस बीच, सपा मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार, अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर की जनता अपने विधायक-मुख्यमंत्री से पूछ रही है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च दिखाए गए अरबों रुपये कहां गए।

उन्होंने आरोप लगाया कि खराब शहरी योजना के कारण लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।

यादव ने जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने तथा हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।

उन्होंने तंज कसते हुए दावा किया कि इस बार भाजपा गोरखपुर भी हार जाएगी।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र