उप्र: ऊपरी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा, प्रशासन चौकन्ना
उप्र: ऊपरी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा, प्रशासन चौकन्ना
मथुरा, 11 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण ऊपरी क्षेत्रों से यमुना में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे मथुरा में नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय करते हुए सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों को यमुना की स्थिति पर नजर रखने और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मांट, छाता, सदर और महावन तहसीलों के यमुना के निकटवर्ती गांवों के सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहने तथा यमुना किनारे के निचले इलाकों का लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारी ने बताया कि यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भरने लगा है हालांकि प्रशासन ने एहतियातन सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों पर गोताखोरों और नाविकों की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके। प्रशासन के अनुसार, ऊपरी क्षेत्रों से छोड़ा गया पानी फिलहाल गंभीर स्थिति उत्पन्न करने वाला नहीं है हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारी यमुना के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
सिंह ने बताया कि नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यमुना में नावों और स्टीमर का संचालन भी एहतियातन बंद कर दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि हालांकि पिछले दो दिनों में यमुना के जलस्तर में कमी आने के संकेत मिले हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार शाम चार बजे प्रयाग घाट पर यमुना का जलस्तर 164.76 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि मंगलवार सुबह आठ बजे यह 164.60 मीटर था।
इस तरह पिछले 52 घंटे में जलस्तर में 16 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

Facebook


