2020 हाथरस दुष्कर्म मामला: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई 19 सितंबर को

2020 हाथरस दुष्कर्म मामला: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई 19 सितंबर को

2020 हाथरस दुष्कर्म मामला: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई 19 सितंबर को
Modified Date: August 11, 2026 / 06:28 pm IST
Published Date: August 11, 2026 6:28 pm IST

हाथरस, 11 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के हाथरस में वर्ष 2020 में हुए दुष्कर्म के एक मामले पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मुकदमे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जारी अदालत का नोटिस तामील हो गया। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह नोटिस सांसद/विधायक अदालत संख्या-5 के अपर जिला न्यायाधीश विजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई को पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि नोटिस विधिवत तामील हो चुका है और राहुल गांधी ने इसे प्राप्त कर लिया है।

शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है।

पुंडीर, बूलगढ़ी मामले में दुष्कर्म के आरोपों से बरी हुए रवि, राम कुमार उर्फ रामू और लव कुश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सांसद/विधायक अदालत के अपर दीवानी न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) ने 13 मई को राहुल गांधी के खिलाफ दायर शिकायत खारिज कर दी थी।

शिकायतकर्ताओं ने इस आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की, जिसे अपर जिला न्यायाधीश ने 15 जुलाई को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। हाथरस के बूलगढ़ी गांव की एक दलित युवती से सितंबर 2020 में कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

इस मामले में उसके ही गांव के चार लोगों पर अपराध करने का आरोप था, इनमें से तीन रामकुमार, लवकुश और रवि को बरी कर दिया गया जबकि संदीप को दोषी ठहराया गया तथा वह अभी जेल में है।

पुंडीर के अनुसार, राहुल गांधी ने 12 दिसंबर, 2024 को बूलगढ़ी गांव के दौरे के दौरान कथित तौर पर कहा था कि आरोपी ‘‘आजाद घूम रहे हैं’’, जबकि पीड़िता का परिवार अपने घर में ही कैद है।

पुंडीर ने दावा किया कि ये टिप्पणियां मानहानिकारक थीं, क्योंकि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच और ढाई साल से अधिक समय तक चले मुकदमे के बाद तीनों लोगों को दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया गया था।

अधिवक्ता ने बताया कि आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर करने से पहले शिकायतकर्ताओं ने राहुल गांधी को कानूनी नोटिस भेजकर 1.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी।

बरी किए गए तीनों लोगों में से प्रत्येक के लिए 50-50 लाख रुपये के हर्जाने की मांग की गई थी।

भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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