Samrat Vikramaditya Mahanatya : वाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित! सीएम योगी और डॉ. मोहन यादव ने किया सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य का शंखनाद

Varanasi में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित ऐतिहासिक महानाट्य के मंचन ने हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक एकता भी प्रमुख रूप से दिखाई दी।

Samrat Vikramaditya Mahanatya : वाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित! सीएम योगी और डॉ. मोहन यादव ने किया सम्राट विक्रमादित्य के महानाट्य का शंखनाद

Samrat Vikramaditya Mahanatya / Image Source : SOCIAL MEDIA

Modified Date: April 3, 2026 / 11:28 pm IST
Published Date: April 3, 2026 11:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मंच पर घोड़े-हाथी और ऐतिहासिक दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया।
  • Mohan Yadav ने सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और पराक्रम को याद किया।
  • Yogi Adityanath ने इसे नई पीढ़ी को मूल्यों से जोड़ने का अभियान बताया।

भोपाल/वाराणसी : Samrat Vikramaditya Mahanatya धर्म नगरी वाराणसी का माहौल 3 अप्रैल को पूरी तरह बदला-बदला दिखाई दिया। इस माहौल में 2000 साल पुरानी संस्कृति-परंपरा-जीवन की खुशबू घुल गई। मंच पर दृश्यों को देखकर जनता रोमांचित हो गई। लोगों ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के कई पहलू देखे। दर्शकों ने सम्राट विक्रमादित्य का पराक्रम-अनुशासन-शासन-वीरता-साहस देखा। मंच पर घोड़े-हाथी पहुंचने के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लोगों ने दृश्यों को न केवल देखा, बल्कि जीया भी। मौका था महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य के ऐतिहासिक मंचन का। यह तीन-दिवसीय कार्यक्रम मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। कार्यक्रम देखने हजारों की भीड़ बीएल डब्ल्यू मैदान पहुंची।

इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य की मंच पर प्रस्तुति हो रही है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंच पर उपस्थिति से आनंद कई गुना बढ़ गया है। महावीर वीर सम्राट विक्रमादित्य का गौरवशाली अतीत 2000 साल पुराना है। इस देश में तीन भाइयों की जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। एक भगवान श्री राम और लक्ष्मण, दूसरी भगवान कृष्ण और बलराम और तीसरी जोड़ी भर्तृहरि महाराज और सम्राट वीर विक्रमादित्य की जोड़ी।

हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज हम दानशीलता-वीरता-पराक्रम-पुरुषार्थ कुशल और सुशासन के उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट वीर विक्रमादित्य के जीवन काल से परिचित हो रहे हैं। उनका सुशासन अद्भुत था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक धारा बदल रही है। मध्यप्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सभी क्षेत्रों में विकास के नए-नए पैमाने गढ़ रही है। केन बेतवा नदी जोड़ो अभियान की बड़ी योजना पर भी दोनों राज्य एक साथ काम कर रहे हैं।

नई पीढ़ी को मूल्यों-आदर्शों से जोड़ने का एक वृहद अभियान का हिस्सा है महानाट्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह केवल एक महा नाटय का रूपांतरण मात्र नहीं है, यह आज की नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने का एक वृहद अभियान का हिस्सा है। CM Dr. Mohan Yadav News  मैं इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से अभिनंदन करता हूं, धन्यवाद देता हूं। मैं धन्यवाद देता हूं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के अभियान को आगे बढ़ाते हुए बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की धरा के साथ इस महानाट्य के रूपांतरण के माध्यम से सांस्कृतिक एकता के बंधन से जोड़ने का काम किया है।

काशी बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है, जो विश्व के नाथ हैं और उज्जैन महाकाल की पावन धरा है। याद रखिए काल की जो अवमानना करता है उसे महाकाल अपने आप ही शिकार बना लेता है। महाकाल की वह धरा उज्जैन है, जहां पर महाकाल साक्षात विराजमान हैं। उन उनकी कृपा हर उस पर बरसती है जो काल की गति को पहचान कर उसके अनुरूप अपने आप को तैयार करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीन भाइयों की जोड़ी जग विख्यात है। CM Yogi Adityanath News  प्रभु राम-लक्ष्मण की जोड़ी, भगवान कृष्ण और बलराम की जोड़ी जितनी विख्यात है उतनी ही महाराज भर्तृहरि और महाराज विक्रमादित्य की है। आज काशी इसकी साक्षी है। यह मेरा सौभाग्य है कि महाराज महाराज भर्तृहरि नाथ संप्रदाय में ही दीक्षित हुए थे। उन्होंने कहा कि काल गणना की धरती उज्जैन है और पंचांग की धरती बनारस है। इन दोनों का समावेश भारतीय काल गणना को वैश्विक मंच पर पहुंचाने में अपना योगदान देगा।

डॉ. यादव ने भेंट की वैदिक घड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.