यमुना प्रदूषण के विरोध में वृंदावन के सामाजिक कार्यकर्ता ने शुरू किया सात दिन का अनशन

यमुना प्रदूषण के विरोध में वृंदावन के सामाजिक कार्यकर्ता ने शुरू किया सात दिन का अनशन

यमुना प्रदूषण के विरोध में वृंदावन के सामाजिक कार्यकर्ता ने शुरू किया सात दिन का अनशन
Modified Date: July 19, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: July 19, 2026 6:25 pm IST

मथुरा, 19 जुलाई (भाषा) मथुरा-वृंदावन में यमुना नदी के बढ़ते प्रदूषण से क्षुब्ध सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने रविवार को रामभक्त हनुमान का वेश धारण कर यमुना किनारे सात दिवसीय अनशन (भूख हड़ताल) शुरू किया।

उन्होंने शासन, प्रशासन और स्थानीय निकायों के अधिकारियों से यमुना में गिर रहे गंदे नालों को बंद कराने की मांग की है।

दीपक शर्मा ने वृंदावन के यमुना किनारे विहार घाट पर यमुना नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण और नालों के माध्यम से गिराए जा रहे गंदे पानी के विरोध में सात दिवसीय अनशन और शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक प्रदर्शन शुरू किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग यमुना को प्रदूषित करने के लिए जिम्मेदार हैं, वे असुरों के समान हैं और यह गंदगी भी असुरों जैसी है। मैं उन्हीं असुरों का दमन करने के लिए आज रामभक्त हनुमान का रूप धारण कर आया हूं।’’

उन्होंने देशवासियों से इस अभियान में समर्थन देने की अपील की।

इससे पहले, मई महीने में भी दीपक शर्मा ने नगर निगम कार्यालय पर कॉकरोच का वेश धारण कर प्रदर्शन किया था और अधिकारियों का ध्यान यमुना प्रदूषण की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था।

उनका कहना है कि देश-विदेश में इस मुद्दे की चर्चा होने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और आज भी मथुरा-वृंदावन के गंदे नाले सीधे यमुना नदी में गिर रहे हैं।

इस अवसर पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ध्यान देने की अपील की।

दीपक शर्मा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी को भी इस ओर ध्यान देना चाहिए कि आपकी जन्मस्थली वडनगर में करीब तीन हजार वर्ष पुराने समय से जल प्रबंधन की कुशल व्यवस्था रही है। उसी प्रकार की व्यवस्था यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए भी विकसित की जानी चाहिए।’’

शर्मा ने कहा कि यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) और उनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी व्यवस्था तक के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन मथुरा-वृंदावन में अपेक्षित संख्या में एसटीपी अब तक स्थापित नहीं हो पाए हैं।

उन्होंने कहा कि जब मूलभूत व्यवस्थाएं ही पूरी नहीं हो पाई हैं तो अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद करना कठिन है।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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