महिलाओं के आरक्षण के अधिकार को लागू कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

Ads

महिलाओं के आरक्षण के अधिकार को लागू कराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे: प्रधानमंत्री मोदी

  •  
  • Publish Date - April 28, 2026 / 06:40 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 06:40 PM IST

वाराणसी (उप्र), 28 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रमुक समेत विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को रोकने के लिए हमला बोला। मोदी ने कहा कि वह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि महिलाओं के आरक्षण के अधिकार को लागू कराने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

संसद में इस विधेयक के गिरने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कहा, ”आज इस कार्यक्रम में आप सभी बहनों-बेटियों से एक महायज्ञ की शुरुआत के लिए आशीर्वाद लेने आया हूं।”

उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि ”काशी के सांसद, देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देश हित में एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आप सबका आशीर्वाद चाहिए। यह बड़ा लक्ष्‍य लोकसभा विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना है।”

महिलाओं को विशेष महत्व देते हुए उन्‍होंने कहा कि ”हमारी काशी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकटा और मां गंगा जैसी दिव्य शक्तियों की भूमि है, ऐसे में आप सभी बहन बेटियों के इस समागम ने इस अवसर को बहुत दिव्‍य बना दिया।”

उन्होंने विपक्षी दलों खासतौर से सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ”अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया लेकिन आप सभी बहनों को फिर से भरोसा दिलाता हूं कि आपके लिए आरक्षण लागू कराने में मैं कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस, सपा, टीएमसी और द्रमुक जैसी ‘परिवारवादी पार्टियों’ ने एक बार फिर ‘महिलाओं के साथ विश्वासघात’ किया है।

उन्होंने दोहराया कि ‘ये परिवारवादी पार्टियां नहीं चाहतीं कि बेटियां विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचें और इन दलों ने पिछले 40 सालों से महिला आरक्षण पर ब्रेक लगा रखा है।”

कभी महिलाओं से भोजपुरी तो कभी हिंदी में संवाद करते हुए मोदी ने कहा, ”साथियों, घर में महिला के सशक्‍त होने से पूरे परिवार को ताकत मिलती, समाज और देश मजबूत होता।”

उन्होंने कहा कि अतीत में बहनों बेटियों को बहुत संघर्ष करना पड़ा है और काशी की बहनों ने भी कई तरह की मुश्किलें देखी हैं।

मोदी ने कहा, ”बेटियों को कई तरह के सवालों से गुजरना पड़ता था। उन्होंने पूर्वांचल में बोली जाने वाली भोजपुरी में किये जाने वाले संवादों को दोहराते हुए कहा ”लोग अतीम में महिलाओं से कहते ”तू का करबू” ”तूहे का जरूरत ह”, ”ई काम तोहसे ना हो पाई।”

मोदी ने कहा कि कई बार तो सवाल भी नहीं पूछे जाते थे, सीधे फरमान सुनाया जाता था।

मोदी ने कहा, ”जब 25 साल पहले मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना तो ऐसी धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया। इसके तहत स्‍कूल में बच्चियों का प्रवेश सुनिश्चित किया और ‘मुख्यमंत्री कन्या कैलोरी निधि’ जैसी पहल शुरू की ताकि फीस में मदद की जा सके।”

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष नितिन नवीन, उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, उप्र के भाजपा अध्‍यक्ष व केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।

जिला पंचायत अध्‍यक्ष पूनम मौर्या ने संसद का चित्र भेंट कर स्वागत किया। महिलाओं ने काशी की कला संस्कृति का प्रतीक देवी का मुखौटा भेंट किया। वाराणसी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने नये संसद भवन के चित्र की जरदोजी की कढ़ाई भेंट की।

मोर की प्रतिमा भी महिलाओं ने उन्‍हें भेंट की। महिला चिकित्सकों ने उन्हें पंचमुखी गणेश की प्रतिमा भेंट की। प्रधानमंत्री को नमो घाट की स्‍मृति देकर शिक्षित समाज की महिलाओं ने उनका स्वागत किया।

इस आयोजन की विशेषता रही कि इसकी पूरी कमान महिलाओं ने संभाली। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिसकर्मी तैनात की गईं। सम्मेलन में महिला सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और समान अवसर जैसे मुद्दों पर मोदी ने संवाद किया।

भाषा आनन्द सलीम

संतोष

संतोष