UAE Quit OPEC Group: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच UAE का बड़ा फैसला, इन समूहों से खुद को किया बाहर, जानिए क्या है वजह?

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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच UAE का बड़ा फैसला, इन समूहों से खुद को किया बाहर, UAE Quit OPEC Group amid Middle East Conflict

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 08:05 PM IST

नई दिल्ली: UAE Quit OPEC Group संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने घोषणा की है कि वो तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक और ओपेक+ से बाहर हो रहा है। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, यूएई 1 मई से ओपेक और ओपेक+ की सदस्यता छोड़ देगा।

यूएई के ऊर्जा मंत्री ने OPEC और OPEC+ प्लस से अलग होने के फैसले पर कहा कि यह निर्णय स्वतंत्र रूप से लिया गया था और सऊदी अरब सहित किसी अन्य देश के साथ कोई प्रत्यक्ष परामर्श नहीं किया गया है। हम अपना फैसला खुद लेने में सक्षम हैं। यूएई सरकार का कहना है कि यह निर्णय यूएई की उत्पादन नीति और उसकी वर्तमान और भविष्य की क्षमता की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया है और यह हमारे राष्ट्रीय हित और बाजार की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में प्रभावी ढंग से योगदान देने की हमारी प्रतिबद्धता पर आधारित है।

भारत पर कैसा असर होगा?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई का ओपेक छोड़ना भारत-चीन जैसे दुनिया के बड़े तेल खरीदारों के लिए बेहद अहम खबर है। यूएई के ओपेक छोड़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कई रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि फरवरी के अंत में ईरान युद्ध की शुरुआत से होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है। ईरान ने शिपिंग रोक दी और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड लगा दिया। इससे दुनिया का लगभग 20% तेल-गैस ट्रांसपोर्ट प्रभावित हुआ। सऊदी अरब, यूएई, इराक, कुवैत जैसे खाड़ी देशों का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ये देश रोजाना लाखों बैरल का नुकसान उठा रहे हैं। यूएई का ओपेक छोड़ना भारत के लिए एक तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है। यूएई के पास हबशान-फुजैरा (ADCOP) पाइपलाइन है, जो पूरी तरह होर्मुज से बाहर है। इसकी क्षमता 1.5-1.8 मिलियन बैरल प्रति दिन है और यूएई इसके जरिए अपना तेल आसानी से बेच रहा है।

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