महिला बीएलओ पर मतदाताओं के नाम काटने का दबाव डालने का आरोप, जांच के आदेश दिये गये

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महिला बीएलओ पर मतदाताओं के नाम काटने का दबाव डालने का आरोप, जांच के आदेश दिये गये

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 01:06 AM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 01:06 AM IST

अमेठी (उप्र), चार फरवरी (भाषा) अमेठी विधानसभा क्षेत्र के ठेंगहा गांव में बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मतदाता का फार्म—7 भरवाये जाने के दौरान एक महिला बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के साथ कथित तौर पर अभद्रता किये जाने, उसके पति के साथ मारपीट किये जाने एवं नाम काटने तथा बढ़ाने के लिए दबाव बनाये जाने के मामले की प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक अमेठी विधानसभा क्षेत्र के ठेंगहा गांव में एसआईआर प्रक्रिया के तहत एक शिविर का आयोजन किया गया था जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश सचिव शंकर गिरि, जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला तथा अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भी शामिल हुए थे।

सूत्रों के मुताबिक महिला बीएलओ सुभद्रा पर भाजपा नेताओं द्वारा नाम काटने एवं बढ़ाने का दबाव बनाने को लेकर विवाद उठ रहा है।

कांग्रेस के जिला सचिव बीएलओ के पति राकेश मौर्य ने उप जिलाधिकारी अमेठी आशीष सिंह को दिये शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने ठेंगहा गांव में बीएलओ सुभद्रा को बुलाया था और जनसभा के दौरान उन पर नाम काटने एवं बढ़ाने को लेकर दबाव बनाया गया और उनके साथ बदसुलूकी की गई।

बीएलओ के पति राकेश मौर्य का आरोप है कि जब उन्होंने हस्तक्षेप किया तो उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि जब घटना का वीडियो बनाया जा रहा था तब प्रार्थी का मोबाइल फोन छीन लिया गया। पीड़ित ने बताया कि वह और उनकी पत्नी इस घटना से काफी परेशान हैं और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।

इस मामले को लेकर अमेठी से कांग्रेस के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा है कि अमेठी में एक महिला बीएलओ के साथ हुई घटना केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और संविधान पर सुनियोजित हमला है।

उन्होंने कहा कि बीएलओ पर जबरन फॉर्म-7 थमाकर विशेष वर्ग के मतदाताओं के नाम कटवाने का दबाव, मनमुताबिक काम न करने पर अपमान, मारपीट, वीडियो बनाना और मोबाइल छीनना यह साबित करता है कि मतदाता सूची से नाम काटने का एक संगठित षड्यंत्र हो रहा है।

शर्मा ने कहा कि यह कोई एकल घटना नहीं है। लगातार हर बूथ पर बीएलओ को डराने-धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसकी जानकारी जिला प्रशासन को पहले भी कई बार दी जा चुकी है, इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होना प्रशासनिक चुप्पी और संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि ये बेहद गंभीर मामला है कि अमेठी भाजपा जिला अध्यक्ष ने एक बीएलओ से मारपीट की।

उन्होंने महिला बीएलओ पर जबरन पीडीए समाज का वोट कटवाने, भाजपा समर्थकों का वोट बढ़ाने का दबाव डालने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में सरकारी काम में बाधा डालने महिला से अभद्रता करने मोबाइल छीनने व हिंसक भाषा व्यवहार इत्यादि का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

उधर, इस मामले में अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि इस मामले में उप जिलाधिकारी अमेठी आशीष सिंह को जांच सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा के जिलाध्यक्ष अमेठी सुधांशु शुक्ला ने इस बारे में कहा कि यह कांग्रेस सहित विपक्ष का एक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता वर्तमान में कांग्रेस के जिला सचिव सरकार की छवि खराब करने के लिए तरह—तरह हथकंडे अपना रहे हैं लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं होंगे।

भाषा सं. सलीम राजकुमार

राजकुमार