MP News Today | Photo Credit: IBC24
भोपाल: MP News मध्यप्रदेश में अभी भले ही चुनाव नहीं हैं लेकिन मिशन-2028 के लिए कांग्रेस ने अपने वोटबैंक को लुभाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाने शुरु कर दिए हैं। मुस्लिमों को रिझाने वाले इस हिजरी कैलेंडर के जरिए कांग्रेस मैदान में उतर चुकी है और इसकी शुरुआत भोपाल की हाईप्रोफाइल सीट नरेला से, मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ-कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मनोज शुक्ला ने की। उन्होंने बकायदे हरे रंग और उर्दू जबान में बोले जाने वाले दिन, मुस्लिम त्योहारों से भरा कैलेंडर बनवाया..और ऐसे 50 हजार कैलेंडर क्षेत्र के मुसलमान वोटर्स के बीच- मस्जिद औऱ दरगाहो में बांटे जा रहे हैं। खबर ये भी है कि मुस्लिमों को खुश करने वाले ऐसे कैलेंडर कांग्रेस के तमाम वो नेता छपवा रहे हैं जो कांग्रेस से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
MP News Today कांग्रेस के इस इस्लामिक कैलेंडर के सुर्खियों में आते ही एमपी में सियासी तपिश बढ़ गई। बीजेपी इसे कट्टरपंथ से जोड़ते हुए कांग्रेस का तुष्टिकरण बता रही है, तो कांग्रेस ने अपनी सफाई पेश करते हुए भाईचारे की रस्म बताया।
कुलमिलाकर कांग्रेस के हिजरी कैलेंडर को लेकर सूबे में सियासी बवाल मचा हुआ है। कुछ सियासी पंडित इसे एमपी के तकरीबन 1 करोड़ वोटर्स को साधने की कांग्रेस की रणनीति बता रहे हैं, लेकिन सवाल ये कि- राहुल गांधी की जिस मोहब्बत की दुकान का हवाला एमपी कांग्रेस के नेता देते रहते हैं, उससे हिंदू गायब क्यों? सवाल ये कि- कांग्रेस मुस्लिमों को खुश करने के लिए कैलेंडर बंटवा रही है, लेकिन हिंदुओं के तीज-त्योहारों से परहेज क्यों? क्या कांग्रेस के लिए हिंदू अब कोई मायने नहीं रखते हैं?