Udit Raj Saheb in Mahakumbh 2025: सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतो से मिलने पहुंचे सबसे युवा संत उदित राज साहेब, कबीर दास की छवि बनाए रखने के लिए कर रहे ये काम
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Udit Raj Saheb in Mahakumbh 2025: सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतो से मिलने पहुंचे सबसे युवा संत उदित राज साहेब
Udit Raj Saheb in Mahakumbh 2025: प्रयागराज। 13 जनवरी से प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत हो गई है। महाकुंभ में शामिल होने के बाद देश ही नहीं दुनियाभर से साधू-संत, नामी हस्ती और आम लोग प्रयागराज पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में एक ऐसे भी सन्त हैं जो सभी अखाड़े की तुलना में सबसे युवा संत हैं। उनका नाम है उदित राज साहेब, जो कि कबीर पंथ आश्रम से जुड़े हुए हैं और वह कबीर पंथ साहब के 16वीं गद्दी के उत्तराधिकारी हैं।
Udit Raj Saheb in Mahakumbh 2025। Photo Credit: IBC24
इस आश्रम में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर , बेमेतरा, मुंगेली , कबीरधाम सहित आसपास के क्षेत्र के लाखों की संख्या में अनुयायी कुम्भ में सन्त कबीरदास आश्रम आ रहे हैं। उनका कहना है कि, कुछ समय से संत कबीर दास की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए वह सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतो से मिले हैं।
संत उदित राज साहेब को आश्वासन मिला है कि, वह संत कबीर दास आश्रम की छवि खराब नहीं होने देंगे। कबीर पंथ के 16वीं गद्दी के उत्तराधिकारी उदित राज साहब से खास बातचीत की हमारे संवाददाता रवि हेमराज सिसोदिया ने।
प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 से हुई है।
महाकुंभ में कौन-कौन शामिल हो रहे हैं?
महाकुंभ में देश-विदेश से साधु-संत, नामी हस्तियां और आम श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
संत उदित राज साहेब कौन हैं?
संत उदित राज साहेब कबीर पंथ आश्रम से जुड़े हुए हैं और संत कबीर साहब की 16वीं गद्दी के उत्तराधिकारी हैं।
महाकुंभ में संत उदित राज साहेब की क्या भूमिका है?
महाकुंभ में संत उदित राज साहेब सबसे युवा संत हैं और वह संत कबीरदास की छवि को खराब करने के प्रयासों के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।
संत उदित राज साहेब का क्या संदेश है?
उनका कहना है कि संत कबीरदास की छवि को खराब करने का प्रयास नहीं होना चाहिए और उन्होंने इसके लिए सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वर और महंतों से समर्थन प्राप्त किया है।
संत कबीरदास आश्रम में कौन-कौन से अनुयायी आते हैं?
इस आश्रम में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, बेमेतरा, मुंगेली, कबीरधाम और आसपास के क्षेत्रों से लाखों अनुयायी आते हैं।
संत कबीरदास आश्रम का महाकुंभ में क्या महत्व है?
संत कबीरदास आश्रम महाकुंभ में एक प्रमुख केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में भक्त आकर संत कबीरदास के आदर्शों और शिक्षाओं का अनुसरण करते हैं।