लखनऊ, 17 जुलाई (भाषा) केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे स्वयंसेवा और नशामुक्त समाज का संदेश हर गांव और घर तक पहुंचाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत @2047 के निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मांडविया ने कहा, ‘‘अमृतकाल के अगले 25 वर्ष युवाओं के हैं। विकसित भारत हम देख सकते हैं, लेकिन उसमें जीवन आप जिएंगे। इसलिए विकसित भारत का निर्माण करना आपका कर्तव्य है।’’
उन्होंने कहा कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक लाख युवा नेताओं को तैयार करने के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि नेतृत्व किसी राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि का मोहताज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों, जनजातीय क्षेत्रों, द्वीपों, कस्बों और शहरों से नए नेतृत्व का उदय होना चाहिए।
मांडविया ने कहा कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं के सशक्तीकरण का एकीकृत मंच है, जहां स्वयंसेवा, करियर के अवसर, अनुभव आधारित शिक्षा, सामुदायिक सेवा और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के दौरान युवाओं की ओर से दिए गए कई सुझावों को केंद्रीय बजट 2026 में भी शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने सभी स्वयंसेवकों से अगले तीन महीनों में कम से कम 300 युवाओं को ‘मेरा भारत’ मंच से जोड़ने और 100 सक्रिय युवा क्लबों का पंजीकरण कराने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हर युवा क्लब सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बने।’’
मांडविया ने स्वयंसेवकों से गांव-गांव और घर-घर जाकर ‘नशामुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों की कहानियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य केवल सरकारी कार्यालयों में नहीं लिखा जाएगा, बल्कि देशभर के गांवों और समुदायों में काम कर रहे युवाओं के प्रयासों से तय होगा।
भाषा
आनन्द रवि कांत