IBC24 Dhanvantari Samman 2026
रायपुरः IBC24 Dhanvantari Samman 2026 मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अग्रणी समाचार चैनल IBC24 ने अपनी सामाजिक सरोकारों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर शुक्रवार को ‘धनवंतरी सम्मान’ का आयोजन किया। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को यह सम्मान प्रदान किया गया। हिंदी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री हुमा कुरैशी इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थी। उन्होंने एक-एक कर 32 डॉक्टरों को धनवंतरी सम्मान से सम्मानित किया।
IBC24 Dhanvantari Samman 2026 सम्मान समारोह से पहले IBC24 के एडिटर इन चीफ रवि कांत मित्तल ने एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के साथ अलग-अलग विषयों को लेकर बातचीत की। इस दौरान हुमा कुरैशी ने हिंदी सिनेमा के साथ-साथ अपने निजी जीवन के विषयों को साझा किया। एडिटर-इन-चीफ रवि कांत मित्तल ने उनसे उनके बचपन को लेकर रोचक सवाल किया तो एक्ट्रेस ने बताया कि उनके परिवार में उनकी मम्मी की तरफ की सभी कजिन बहनें डॉक्टर हैं। वह बचपन में एकदम बदमाश बच्चा हुआ करती थीं, जबकि उनके ननिहाल की बाकी बहनें बहुत ही तमीज और अदब वाली थीं। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह बचपन में पढ़ाई-लिखाई में कुछ खास नहीं थीं, वह पढ़ने में ठीक-ठाक तो थीं, लेकिन इतनी अच्छी नहीं थीं कि डॉक्टर बन सकें। फिल्म इंडस्ट्री को लेकर हुमा ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में मजदूरों की तरह काम करवाया जाता है। उन्होंने बताया कि जब वो बहुत ज्यादा थक जाती है या इरिटेड होती है तब वह बहुत हंसती है। हंसने से उनकी परेशानी और थकान दूर हो जाती है।
हुमा कुरैशी से जब राजनेताओं की काबिलियत और उनमें जरूरी गुण के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसका खुलकर और बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नेताओं को लोगों की समस्याओं के बारे में पता होना चाहिए। सिर्फ सतही जानकारी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर का ज्ञान नेताओं को होना चाहिए। नेताओं के पास समय होना चाहिए कि वे आम लोगों के साथ रहें। उनकी समस्याओं, जरूरतों को समझें। नेताओं में दूसरी सबसे जरूरी चीज उनमें सामाजिक न्याय के प्रति गहरी समझ और संवेदना होनी चाहिए। अगर आपको सही और गलत के बीच भेद नहीं कर पाता तो आप एक अच्छे राजनेता नहीं हो सकते।
सम्मान समारोह के शुरुआती दौर में डॉक्टरों के तीन अलग-अलग पैनलों ने विभिन्न विषयों को लेकर अपने विचार साझा किए। चंडी हॉस्पिटल बागबाहरा के डॉ. विकास खमीनिया, आर.पी.आर. हॉस्पिटल सूरजपुर के डॉ. दीपक कुमार सिंह, मां शारदा केयर हॉस्पिटल वाड्रफनगर के डायरेक्टर डॉ. नीरज सचान और डॉ. सुनील धर्मानी ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और गंभीर बीमारियों के इलाज पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वहीं सोहम हॉस्पिटल क्रिटिकल केयर एंड चेस्ट स्पेशलिस्ट के डायरेक्टर डॉ. युगल चंद्राकर, वंदा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चेस्ट एंड एलर्जी सेंटर रायपुर के डायरेक्टर व पल्मोनोलॉजी, एलर्जी एंड स्लीप एप्निया स्पेशलिस्ट डॉ. केदारनाथ देवांगन, श्री नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के ऑर्थोपेडिक, स्पोर्ट्स इंजरी एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. प्रीतम अग्रवाल और ITSA हॉस्पिटल रायपुर के कंसलटेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अक्षत जैन ने कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की समस्याओं के प्रति जागरूक किया। मकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर के मेडिकल व मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे, बालको मेडिकल सेंटर नया रायपुर की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, अग्रवाल नर्सिंग होम बसना के चेयरमैन डॉ. एन. के. अग्रवाल, ITSA हॉस्पिटल रायपुर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत कुमार कोहत और श्री मेडीशाइन हॉस्पिटल रायपुर के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील बजाज ने ब्रेन स्ट्रोक के बारे में विस्तृत जानकारी दी।