CM Pushkar Singh Dhami: केदारनाथ के तीर्थयात्रियों को मुहैय्या कराया जाएगा 24 घंटे गर्म पानी.. संवेदनशील मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऐलान से मिली राहत
Uttarakhand Char Dham Yatra 2026 Date: केदारनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों को 24 घंटे गर्म पानी सुविधा, बायोमास गीजर से मिलेगी राहत, सरकार की नई पहल
Uttarakhand Char Dham Yatra 2026 Date
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घोषणा की कि केदारनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों को जल्द ही ठंडे पानी के बजाय 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा चीड़ की पत्तियों (पिरुल) और खच्चरों के गोबर से बने बायोमास पेलेट्स से चलने वाले गीजर के माध्यम से दी जाएगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी, जहाँ इतनी ऊँचाई पर चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
तीर्थयात्रियों, पर्यटकों के लिए कई बड़े ऐलान
एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, ये गीजर गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) द्वारा केदारनाथ और लिंचोली में लगाए जाएँगे। इस नई पहल से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों के गोबर की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, चीड़ की पत्तियों से लगने वाली जंगल की आग के खतरे को भी घटाया जा सकेगा।
इसके अलावा, एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत यात्रा मार्ग पर सड़क किनारे बने ढाबों को फायर पेलेट्स से चलने वाले चूल्हे उपलब्ध कराए जाएँगे। ऊर्जा की कमी के समय ये चूल्हे बेहद उपयोगी साबित होंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इन्हें बड़े पैमाने पर वितरित करने की योजना बनाई जाएगी।
इससे पहले, मुख्यमंत्री धामी ने चार धाम यात्रा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दीं। यह यात्रा रविवार, 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए कहा कि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत है।
चारधाम यात्रा सफल बनाने में जुटी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बाबा केदार, माँ गंगोत्री, माँ यमुनोत्री और बद्री विशाल से प्रार्थना करते हैं कि इस वर्ष की यात्रा भी पिछले वर्षों की तरह सफल और सुचारू रूप से संपन्न हो। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार की चार धाम यात्रा नए रिकॉर्ड बनाएगी। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं, ताकि हर श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड से सुखद यादें लेकर लौटे।

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