पेशावर, 26 सितंबर (भाषा) उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में विस्फोटकों से लदे एक वाहन के शनिवार को एक पुलिस चौकी को टक्कर मारने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए। मृतकों में दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा रेस्क्यू 1122 के अनुसार, यह घटना डेरा इस्माइल खान जिले की दराजिंदा तहसील में हुई, जो अशांत खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों की सीमा के पास स्थित है।
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी खान मुबाशिर मलिक ने बताया कि आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को अमन मेला पुलिस चौकी से टकरा दिया।
यह चौकी डेरा इस्माइल खान-क्वेटा मार्ग पर तस्करी रोकने और सामान की अवैध आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए स्थापित की गई थी।
विस्फोट में चौकी का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया और पास का एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।
एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें आत्मघाती हमलावर, सीमा शुल्क एवं उत्पाद शुल्क विभाग के छह अधिकारी, दो पुलिसकर्मी, दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 30 लोग घायल हुए हैं।
घायलों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जबकि शवों को भी वहीं पहुंचाया गया।
पुलिस ने बताया कि हमले में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की प्रकृति का पता लगाने के लिए बम निरोधक दस्तों को घटनास्थल पर भेजा गया है।
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मामले की आगे जांच जारी है।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने कार्यालय की ओर से जारी बयान में विस्फोट की निंदा की और मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया।
खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने हमले की निंदा करते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी, जबकि गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
नकवी ने कहा, ‘‘ख्वारिज के कायराना कृत्य आतंकवाद के खिलाफ देश के दृढ़ संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते।’’
पाकिस्तान की संघीय सरकार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए ‘फितना अल ख्वारिज’ शब्द का इस्तेमाल करती है।
भाषा अमित पवनेश
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