DJ Sound System Banned: आ गया आदेश!.. डीजे बजाने पर लगाया गया पूरी तरह से प्रतिबंध, शोर शराबे वाले कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक, आदेश जारी

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बदरीनाथ धाम समेत चमोली जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। जिलाधिकारी गौरव कुमार के आदेश के अनुसार धार्मिक स्थलों के आसपास ऐसे कार्यक्रम प्रतिबंधित रहेंगे, जिनसे उनकी गरिमा प्रभावित होती है।

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  • Publish Date - September 26, 2026 / 09:32 PM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 09:33 PM IST

DJ Sound System Banned in Badrinath Dham || Image- IBC24 News Archive

HIGHLIGHTS
  • बदरीनाथ धाम के आसपास तेज साउंड पर रोक
  • धार्मिक स्थलों पर शोरगुल वाले कार्यक्रम प्रतिबंधित
  • चमोली प्रशासन ने जारी किया आदेश

DJ Sound System Banned in Badrinath Dham: देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में स्थित छोटे चार-धाम के सबसे पवित्र बदरीनाथ धाम को लेकर प्रशासन का बड़ा आदेश सामने आया है। यह निर्णय तेज आवाज में बजाये वाले साउंड सिस्टम और इससे होने वाली परेशानी के संबंध में है।

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दरअसल उत्तराखंड के जनसम्पर्क विभाग ने बताया है कि, “श्री बदरीनाथ धाम सहित जनपद चमोली के सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार द्वारा धार्मिक स्थलों के आस-पास उच्च आवृत्ति वाले साउंड सिस्टम का प्रयोग कर धार्मिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कार्यक्रमों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।” प्रशासन के इस आदेश के बाद इन पवित्र स्थलों में तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने और शोरगुल वाले आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

क्यों लिया गया गया फैसला

DJ Sound System Banned in Badrinath Dham: गौरतलब है कि, पिछले दिनों बदरीनाथ धाम में डीजे पर संगीत और डांस वाले वीडियो आए थे। इसी को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। धार्मिक मर्यादाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसे लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी।

“इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है” : एमएम जोशी

उन्होंने लिखा था कि, “बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह ( DJ concert) को अनुमति प्रदान करना ना केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उन्लंघन है अपितु धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है। आदि गुरु शंकराचार्य महाराज जी द्वारा इस धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण मे शांतिपूर्ण तरीके से भगवत भजन के लिए की थी उल्लेखनीय है की इस स्थान पर शंख बजाना भी मना है परंतु हम उसे भूलकर शोर शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय मूल्यों की घोर उपेक्षा तो कर ही रहे है साँथ में इतनी ऊचाई पर हजारों लोगो के नाचने से उनके स्वास्थ पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी उपेक्षा कर रहे है। यह इस बात का प्रतीक है कि अब देवभूमि को बाजारू संस्कृती के रूप में परिणीत किया जा रहा है।”

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DJ Sound System Banned in Badrinath Dham: उन्होंने आगे लिखा था, “मैं भारतीय संस्कृति के अनुयायीयों तथा विशेषकर पूजनीय शंकराचार्यों तथा महात्माओं से यह अनुरोध करता हूँ कि वह संस्कृति के इस क्षरण को रोकने के लिए प्रभावी आवाज उठाये, मैं केंद्र एवं राज्य सरकार से भी आग्रह करूँगा कि वह ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर देवभूमि की मर्यादा को बनाये रखें, हिमालय देवात्मा है भगवान शंकर का निवास माँ गंगा का उद्गम है इसे नाच ग्रह बनाना करोड़ो भारतीयों की आस्था पर गहरा आघात है।”

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Q1. बदरीनाथ धाम में किस तरह के साउंड सिस्टम पर रोक है?

Ans: धार्मिक स्थलों के आसपास उच्च आवृत्ति वाले तेज साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर रोक है।

Q2. यह आदेश किन क्षेत्रों में लागू किया गया है?

Ans: आदेश बदरीनाथ धाम समेत चमोली जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर लागू है।

Q3. प्रशासन ने साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध क्यों लगाया?

Ans: धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।