बैंकॉक, 25 सितंबर (एपी) ओलेना कालिनिचेंको चीन से खरीदी गई गुलदाउदी की चाय अपने साथी के साथ पीने को लेकर उत्साहित थीं, लेकिन नेपाल-चीन सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद वह और कई अन्य लोग लापता हो गए, जिसके बाद उनके साथी ओलेस विसिच एक महीने से उनके बारे में जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
विसिच ने कहा, ‘‘उन्होंने कहा था, जब मैं घर वापस आऊंगी तो हम चीनी फूलों से बनी चाय पिएंगे।”
कालिनिचेंको की आखिरी ज्ञात लोकेशन स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 22 मिनट पर चीन से बाहर निकलने वाली एक सीमा चौकी थी। उनके बीच यह बातचीत बाढ़ आने से 15 मिनट पहले ही हुयी थी।
कालिनिचेंको (36) 56 लोगों के उस समूह में शामिल थीं, जिनमें ज्यादातर यूक्रेनी नागरिक थे। यह समूह आध्यात्मिक यात्रा के लिए तिब्बत स्थित कैलाश पर्वत पर गया था।
बाढ़ में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 6,000 से अधिक लोग लापता हैं। इनमें से ज्यादातर लोग सीमा के नेपाली हिस्से में लापता हुए हैं। नेपाल ने कहा है कि अब भी 636 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें 54 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। चीन ने अपने क्षेत्र में लापता लोगों में 261 विदेशी नागरिकों के होने की जानकारी दी है, जिनमें एक यूक्रेनी नागरिक भी शामिल है।
यूक्रेन में परिवारों का कहना है कि उन्हें यह पता चलने के बाद से कि उनके रिश्तेदार लापता लोगों में शामिल हैं, अब तक ज्यादातर मामलों में कोई जवाब नहीं मिला है।
लापता लोगों के परिवारों की स्थिति इस बात को दर्शाती है कि इस आपदा में लोगों को बचाने, शवों को बरामद करने और उनकी पहचान करने की प्रक्रिया कितनी जटिल और समय लेने वाली है। लापता लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस प्रक्रिया में संभवतः कई महीने लग सकते हैं।
वे घर लौटने के रास्ते में चीन से नेपाल जाते समय लापता हो गए। कुछ रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें अधिकारियों से कोई जानकारी नहीं मिली है।
चीनी सरकार ने कम से कम दो परिवारों को बताया है कि उनके रिश्तेदार बाढ़ आने से पहले ही चीनी क्षेत्र से बाहर निकल गए थे।
हालांकि, यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि वे नेपाल में दाखिल हुए थे या नहीं, क्योंकि नेपाल का आव्रजन परिसर और उससे जुड़े रिकॉर्ड बाढ़ में नष्ट हो गए हैं।
दूसरी ओर, नेपाल का कहना है कि उसने 1,451 शव बरामद किए हैं, लेकिन अब तक केवल 112 शव ही परिवारों को सौंपे गए हैं।
सरकार ने कहा कि उसने अब तक 2,035 रिश्तेदारों के डीएनए नमूने एकत्र किए हैं, लेकिन यह नहीं बताया है कि कितने पीड़ितों की पहचान हो चुकी है।
एपी रंजन संतोष
संतोष