(8th Pay Commission News/Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद (8th Pay Commission News) केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच वेतन, भत्ते और पेंशनर्स के बीच वेतन, भत्ते और पेंशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसे रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस दौरान कर्मचारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सितंबर में पुडुचेरी और चंडीगढ़ में बैठकें आयोजित हुई, जबकि 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में कर्मचारियों की मांगे सुनी जाएगी।
8वें वेतन आयोग के सामने (8th Pay Commission News) पुरानी पेंशन योजना यानी OPS और नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। खासकर 2004 के बाद नियुक्त केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों ने गारंटीड पेंशन की मांग तेज कर दी है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बाजार से जुड़े रिटर्न वाली पेंशन व्यवस्था में भविष्य की आय को लेकर अनिश्चितता रहती है। इसलिए वे पुरानी परिभाषित-लाभ वाली पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने आयोग को अपनी मांगों से जुड़े ज्ञापन सौंपे हैं। सर्वे ऑफ इंडिया के मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने OPS बहाली और अंतिम मूल वेतन के कम से कम 50% की गारंटीड पेंशन की मांग रखी है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स ने NPS और UPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को OPS में शामिल करने की मांग की है। रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी ने न्यूनतम गारंटीड पेंशन और बेहतर पेंशन सुरक्षा की बात कही है।
भारत पेंशनर्स समाज ने आयोग के सामने न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 45,000 रुपये प्रति माह करने की मांग रखी है। संगठन ने अंतिम वेतन के 67% के बराबर पेंशन और अंतिम वेतन के 50% की फैमिली पेंशन का प्रस्ताव भी दिया है। वहीं, अन्य कर्मचारी संगठन (8th Pay Commission News) फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और भत्तों में संशोधन जैसे मुद्दे भी उठा रहे हैं। इन मांगों पर आयोग अलग-अलग पक्षों से सुझाव ले रहा है।
आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। मौजूदा समयसीमा के अनुसार रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना है। इसके बाद सरकार आयोग की सिफारिशों पर विचार करेगी और मंजूरी के बाद उनके क्रियान्वयन पर फैसला होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पेंशन व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाएंगे। इसलिए OPS की बहाली, NPS/UPS में बदलाव और गारंटीड पेंशन से जुड़े अंतिम फैसले के लिए आयोग की रिपोर्ट और सरकार के निर्णय का इंतजार करना होगा।