अमेरिकी हमलों के बाद ईरान पर कई रहस्यमय हवाई हमले किए गए, पर पता नहीं किसने किये

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अमेरिकी हमलों के बाद ईरान पर कई रहस्यमय हवाई हमले किए गए, पर पता नहीं किसने किये

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 06:11 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 06:11 PM IST

दुबई, 10 जुलाई (एपी) अमेरिका की ओर से हमले रोकने की घोषणा के बाद ईरान पर कई रहस्यमय हवाई हमले किए गए लेकिन यह नहीं पता चल सका है कि इन्हें किसने किया। ईरान पर इन हवाई हमलों ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ईरान को आखिर और कौन निशाना बना रहा है।

ये हमले बृहस्पतिवार को ठीक उसी समय पर किए गए जब ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाने की तैयारी कर रहा था। इन हमलों ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों को अपनी चपेट में लिया।

देश के धार्मिक नेतृत्व ने हमलों के लिए सीधे तौर पर किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन एक सांसद ने संयुक्त अरब अमीरात को ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका को कथित तौर पर समर्थन देने को लेकर चेतावनी दी है।

खाड़ी के अरब देश, जिन्हें 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान लगातार निशाना बनाता रहा है, उन्होंने शुक्रवार को इन हमलों पर टिप्पणी किये जाने के अनुरोधों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ये देश और अमेरिका इस बात पर जोर दे रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) जहाजों की आवाजाही के लिए खुला और मुक्त रहना चाहिए।

ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से उसके नियंत्रण में होना चाहिए और जहाजों को तेहरान को शुल्क देना शुरू करना चाहिए भले ही दुनिया दशकों से इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानती रही है।

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बृहस्पतिवार को ईरान के स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 6:30 बजे बताया कि उसने हमलों का एक दौर पूरा कर लिया है, जिसमें लगभग 90 ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इसके कुछ ही देर बाद ईरान के समाचार प्रतिष्ठानों और सरकारी मीडिया ने देश के बुशहर और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों, अहवाज और चाबहार शहरों और अन्य इलाकों को निशाना बनाकर किए गए कई हवाई हमलों और धमाकों की खबर दी।

सेंट्रल कमांड ने अतिरिक्त हमलों के बारे में टिप्पणी किए जाने के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।

ईरान ने बृहस्पतिवार को हुए इन हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और कतर को निशाना बनाते हुए और भी बड़े पैमाने पर हमले किए।

इन चारों देशों में मिसाइल अलर्ट सायरन बजने लगे, जिससे लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। खबर है कि कुवैत में एक व्यक्ति तब घायल हो गया जब वायु रक्षा प्रणाली ने इलाके में आ रहे हमलों को निशाना बनाया।

ईरान के हमले के तुरंत बाद, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेता शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान कुवैत गए ताकि वे तेल से मालामाल इस छोटे से देश के शासक अमीर से मिल सकें।

खाड़ी के अरब देशों ने कतर के विदेश मंत्री से भी बातचीत की क्योंकि कतर, पाकिस्तान के साथ मिलकर ईरान और अमेरिका के बीच उस अंतरिम समझौते को लेकर बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है, जिसका मकसद खुली जंग को फिर से शुरू होने से रोकना है।

शुक्रवार को ईरान के सरकारी मीडिया ने ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य और पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर इस्माइल कौसारी के हवाले से कहा कि यूएई को ‘अमेरिका के साथ सहयोग करने की कीमत चुकानी होगी’। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों के पीछे यूएई है।

ईरान ने बार-बार खाड़ी के अरब देशों पर उसके खिलाफ अमेरिका के युद्ध में सक्रिय रूप से मदद करने का आरोप लगाया है, जबकि युद्ध के दौरान उन देशों ने इन आरोपों से इनकार किया था।

वर्ष 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद से अमेरिका ने खाड़ी के अरब देशों में कई सैन्य ठिकाने बना रखे हैं, जिनमें बहरीन भी शामिल है जहां अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है।

एपी संतोष माधव

माधव