स्पसेएक्स की तर्ज पर चीन ने पहली बार पुन: प्रयोज्य रॉकेट बूस्टर को नियंत्रित तरीके से सुरक्षित उतारा

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स्पसेएक्स की तर्ज पर चीन ने पहली बार पुन: प्रयोज्य रॉकेट बूस्टर को नियंत्रित तरीके से सुरक्षित उतारा

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 03:59 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 03:59 PM IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 10 जुलाई (भाषा) चीन ने शुक्रवार को अपने ‘लॉन्ग मार्च-10बी’ कैरियर रॉकेट के पहले प्रक्षेपण के बाद कक्षीय श्रेणी के पुन: इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट बूस्टर को पहली बार नियंत्रित तरीके से सुरक्षित उतारने में सफलता प्राप्त की। ​​यह देश की पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक बड़ी उपलब्धि है।

यह घटनाक्रम एलन मस्क की अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के दिसंबर 2015 में कक्षीय श्रेणी के रॉकेट बूस्टर को सफलतापूर्वक उतारने वाली पहली कंपनी बनने के एक दशक से भी अधिक समय बाद हुआ है।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, शुक्रवार का यह मिशन किसी कैरियर रॉकेट के पहले चरण की नियंत्रित और सुरक्षित वापसी की चीन की पहली सफलता है। यह देश की पुन: प्रयोज्य रॉकेट प्रौद्योगिकी में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में चीन के दो अन्य पुन: प्रयोज्य रॉकेटों ने स्पेसएक्स की तर्ज पर ‘ग्रिड फिन्स’ और ‘लैंडिंग लेग्स’ की मदद से सीधे खड़े उतरने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों ही प्रयास असफल रहे थे।

शिन्हुआ के अनुसार, लॉन्ग मार्च-10बी कैरियर रॉकेट को दक्षिण चीन के हैनान प्रांत से प्रक्षेपित किया गया, जिसने अपने पेलोड को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया।

रॉकेट के पहले और दूसरे चरण के अलग होने के बाद, पहले चरण का बूस्टर सुरक्षित लौटा और उसे समुद्र में बने एक मंच पर जाल प्रणाली की मदद से सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।

खबर के अनुसार, रॉकेट का प्रक्षेपण और इसके पहले चरण के बूस्टर की सुरक्षित वापसी, दोनों ही प्रक्रियाएं पूरी तरह से सफल रहीं।

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश