दक्षिण गाजा में हवाई हमले में 25 लोगों की मौत, चिकित्सा सेवाएं हुईं ठप

दक्षिण गाजा में हवाई हमले में 25 लोगों की मौत, चिकित्सा सेवाएं हुईं ठप

दक्षिण गाजा में हवाई हमले में 25 लोगों की मौत, चिकित्सा सेवाएं हुईं ठप
Modified Date: July 10, 2024 / 02:38 pm IST
Published Date: July 10, 2024 2:38 pm IST

दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी), 10 जुलाई (एपी) दक्षिण गाजा में शरण स्थल बने एक स्कूल पर मंगलवार को हुए इजराइली हवाई हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, वहीं भारी बमबारी के कारण उत्तर में गाजा शहर की स्वास्थ्य सेवाएं बंद करनी पड़ी और हजारों लोग शरण की तलाश में भागते रहे।

इजराइल का यह हमला गाजा के सबसे बड़े शहर में फिर से संगठित हो रहे चरमपंथियों के खिलाफ किया गया।

खान यूनिस शहर के नासिर अस्पताल में शवों की गिनती करने वाले एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार के अनुसार स्कूल के प्रवेश द्वार पर हुए हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए। अस्पताल के प्रवक्ता वीम फेरेस ने कहा कि मृतकों में कम से कम सात महिलाएं और बच्चे शामिल हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

मध्य गाजा में पहले हुए हवाई हमलों में कम से कम 14 लोग मारे गए थे, जिनमें एक महिला और चार बच्चे शामिल हैं। नौ महीने पहले युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल ने गाजा में आतंकवादी ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं।

फलस्तीनी रेड क्रिसेंट की प्रवक्ता नेबल फरसाख ने बताया कि जिन परिवारों के रिश्तेदार घायल या फंसे हुए हैं, वे एंबुलेंस के लिए फोन कर रहे हैं, लेकिन इजराइली अभियानों के कारण अधिकांश प्रभावित जिलों में प्राथमिक सहायता दल नहीं पहुंच पा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक खतरनाक क्षेत्र है।’’

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सोमवार को जब इजराइल ने गाजा शहर के पूर्वी और मध्य भागों से लोगों को निकालने का आह्वान किया, तब अल-अहली और ‘पेशेंट्स फ्रेंड्स एसोसिएशन’ अस्पतालों के कर्मचारी मरीजों को ले जाने के लिए दौड़ पड़े।

फरसाख ने कहा कि गाजा शहर में रेड क्रिसेंट की ओर से संचालित सभी तीन चिकित्सा सुविधाएं बंद कर दी गई हैं।

उत्तरी गाजा के इंडोनेशियन अस्पताल में भारी संख्या में मरीजों को स्थानांतरित किया गया।

अक्सर गाजा शहर के अस्पताल छापेमारी के डर से इजराइली सैन्य कार्रवाई के संकेत पर मरीजों को वहां से हटा देते हैं। इजराइली सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने गाजा शहर के अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों से कहा है कि उन्हें अस्पताल खाली करने की जरूरत नहीं है।

एपी यासिर मनीषा वैभव

वैभव


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