यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी को लेकर सहयोगियों के मन में अब भी कई सवाल : जेलेंस्की

यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी को लेकर सहयोगियों के मन में अब भी कई सवाल : जेलेंस्की

यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी को लेकर सहयोगियों के मन में अब भी कई सवाल : जेलेंस्की
Modified Date: February 15, 2026 / 04:37 pm IST
Published Date: February 15, 2026 4:37 pm IST

कीव, 15 फरवरी (एपी) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि यूक्रेन के लिए भविष्य की सुरक्षा गारंटी को लेकर इन देशों के मन में अब भी कुछ सवाल हैं।

जेलेंस्की ने शनिवार को जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूक्रेन की मदद करने के लिए अमेरिकी और यूरोपीय सहयोगियों का आभार जताया। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को हवाई रक्षा प्रणालियां प्रदान की हैं, जो उसके बिजली संयंत्रों सहित अन्य बुनियादी ढांचों और लोगों को रूसी हमलों से बचाने में मदद करती हैं।

युद्ध को समाप्त करने पर आम सहमति बनाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में प्रयास किए गए हैं, जिनमें हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में हुई वार्ता के दो दौर शामिल हैं। हालांकि, यूक्रेन के दोनबास औद्योगिक क्षेत्र के भविष्य सहित कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है, जिसके बड़े हिस्से पर रूस का कब्जा है।

जेलेंस्की ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में सवाल किया कि अमेरिका की ओर से प्रस्तावित मुक्त व्यापार क्षेत्र की अवधारणा दोनबास क्षेत्र में कैसे काम करेगी, जिस पर रूस युद्ध समाप्त करने के एवज में अपना नियंत्रण चाहता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी जल्द से जल्द शांति चाहते हैं और वे यूक्रेन से संबंधित सभी समझौतों पर एक साथ हस्ताक्षर के पक्षधर हैं, जबकि यूक्रेन पहले देश की सुरक्षा की गारंटी वाले समझौतों पर दस्तखत करवाना चाहता है।

ब्रिटेन और फ्रांस समेत यूरोपीय देशों ने पहले ही यूक्रेन की भावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां सैन्य बल भेजने की घोषणा की है। अमेरिका के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है और अमेरिकी समर्थन के स्वरूप को लेकर फिलहाल बातचीत चल रही है।

जेलेंस्की का आरोप है कि रूस यूक्रेन में किसी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति का विरोध करता है, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके देश पर फिर से हमला करने का अवसर चाहते हैं।

एपी धीरज पारुल

पारुल


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