America Iran War Update: ईरान ने अमेरिका को दिया एक और झटका! शांति प्रस्ताव ठुकराने के बाद रख दी ये 5 शर्तें, कहा- ट्रंप नहीं लेगा हमारा निर्णय

ईरान ने अमेरिका को दिया एक और झटका! शांति प्रस्ताव ठुकराने के बाद रख दी ये 5 शर्तें, America Iran War Update: Iran's 5 conditions after America

America Iran War Update: ईरान ने अमेरिका को दिया एक और झटका! शांति प्रस्ताव ठुकराने के बाद रख दी ये 5 शर्तें, कहा- ट्रंप नहीं लेगा हमारा निर्णय

America Iran War Update. Image Source- Ibc24 Archive

Modified Date: March 25, 2026 / 10:11 pm IST
Published Date: March 25, 2026 10:09 pm IST

नई दिल्लीः America Iran War Update: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से यह दावा किया गया है कि देश ने इस प्रस्ताव को “थोपे गए युद्ध” को खत्म करने का प्रयास बताते हुए नकारात्मक जवाब दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि इस युद्ध का अंत कब और कैसे होगा, यह निर्णय ईरान खुद करेगा, न कि डोनाल्ड ट्रंप। हालांकि अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव ठुकराने के साथ ही युद्ध खत्म करने के लिए अपनी 5 शर्तें रखी हैं।

  1. हमलों और हत्याओं पर पूर्ण रोक।
  2. यह गारंटी कि भविष्य में फिर से युद्ध नहीं थोपा जाएगा।
  3. युद्ध के नुकसान के लिए हर्जाने और मुआवजे का भुगतान।
  4. सभी मोर्चों पर एक साथ युद्ध की समाप्ति।
  5. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के संप्रभु अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता।

अमेरिका ने रखा था 15-सूत्रीय प्रस्ताव

America Iran War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया था कि उन्होंने ईरान को 15-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ अमेरिका की सार्थक बातचीत चल रही है। ईरान ने अमेरिका के इन सभी दावों का खंडन किया और कहा कि हमारी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है। इसकी प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं-

  • ईरान को अपनी सभी परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना होगा।
  • ईरान अपनी धरती पर यूरेनियम संवर्धन का काम पूरी तरह बंद करेगा।
  • ईरान को लिखित और स्थायी प्रतिबद्धता देनी होगी कि वह कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ‘फ्री मैरीटाइम जोन’ घोषित किया जाएगा।
  • बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज और स्टॉक पर सख्त सीमाएं तय करने की बात कही गई है।
  • ईरान को मिडिल ईस्ट में सक्रिय अपने सहयोगी गुटों (जैसे हिजबुल्लाह या हूती) को हथियार और पैसा देना बंद करना होगा।
  • समझौते पर विस्तार से बात करने के लिए अमेरिका ने 30 दिनों के युद्धविराम का भी प्रस्ताव दिया है।

IAEA चीफ बोले- ईरान संकट का सैन्य हल नहीं हो सकता

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा है कि ईरान संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं, बल्कि बातचीत से ही संभव है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा को दिए इंटरव्यू में ग्रोसी ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस बार बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मिसाइल प्रोग्राम, ईरान समर्थित मिलिशिया और सुरक्षा गारंटी जैसे अहम मुद्दे भी चर्चा में शामिल होंगे। ग्रोसी के मुताबिक, तीन हफ्ते की जंग ने हालात बदल दिए हैं और ईरान के आर्थिक व ऊर्जा ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान से जीरो एनरिचमेंट की मांग कर सकता है, लेकिन 5 से 10 साल के लिए अस्थायी रूप से यूरेनियम संवर्धन रोकने का समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। IAEA प्रमुख ने यह भी कहा कि हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को कुछ नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन उसकी पूरी क्षमता खत्म नहीं हुई है। उन्होंने साफ कहा, इस समस्या का समाधान सैन्य नहीं हो सकता और कूटनीतिक रास्ते पर जोर दिया।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।