अमेरिका ने बीते मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में एक और कदम की छालांग लगाते हुए लंबी दूरी के उन्नत इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर इंटरकाॅन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक भेद दिया जो अपनी ही तरह का पहला परीक्षण है। इस परीक्षण के साथ ही अमेरिका अब दुसरे देशों से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को भी भेदने में सक्षम हो गया है।
यहां यह जनना भी जरूरी है कि उत्तर कोरिया के परमाणु करर्यक्रम पर ट्रंप के कड़े रूख से भी देश को उत्तर कोरिया से खतरा महसूस हो रहा था, जिसके चलते यह परीक्षण और भी खास हो जाता है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण की योजना काफी पहले से बना ली गई थी।