फ्रांस के चर्च में हमले के बाद एक और संदिग्ध गिरफ्तार, बढ़ायी गयी सुरक्षा

फ्रांस के चर्च में हमले के बाद एक और संदिग्ध गिरफ्तार, बढ़ायी गयी सुरक्षा

फ्रांस के चर्च में हमले के बाद एक और संदिग्ध गिरफ्तार, बढ़ायी गयी सुरक्षा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: October 30, 2020 12:29 pm IST

नीस (फ्रांस), 30 अक्टूबर (एपी) फ्रांस के एक गिरजाघर में ट्यूनीशिया के एक व्यक्ति द्वारा चाकू से हमला कर तीन लोगों की हत्या के मामले में शुक्रवार को एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। एक पत्रिका में पैंगबर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित करने के बाद बढ़े तनाव के बीच देश में सुरक्षा और बढ़ाई गई है।

एक न्यायिक अधिकारी के मुताबिक संदिग्ध 47 साल का है और समझा जाता है कि वह नीस में नोट्रेडम बेसिलिका चर्च में हमले से एक दिन पहले हमलावर के संपर्क में था।

पुलिस की कार्रवाई में हमलावर इब्राहिम इसाओई गंभीर रूप से घायल हो गया और वह गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है। फ्रांस और ट्यूनीशिया की आतंकरोधी जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।

सऊदी अरब के नियंत्रण वाले ‘अल-अरबिया’ टीवी पर शुक्रवार को प्रसारित एक साक्षात्कार में इसाओई की मां ने कहा कि वह घटनाक्रम के बारे में जानकर सदमे मे है।

ट्यूनीशिया के एसफक्स प्रांत से दिए साक्षात्कार में हमलावर की मां ने कहा कि अपने बेटे के फ्रांस में होने की बात सुनकर वह हैरान है और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह क्या करने जा रहा है।

उन्होंने फोन पर बताया, ‘‘वह फ्रेंच भाषा नहीं जानता, वहां पर वह किसी को जानता भी नहीं, वहां कैसे अकेले रहने चले गया। ऐसा कदम क्यों उठाया?’’

उसके भाई ने ‘अल अरबिया’ को बताया कि इसाओई ने परिवार को सूचित किया था कि वह चर्च के सामने सो जाता है और उस जगह की तस्वीरें भी भेजी थी जहां पर हमला हुआ। घटना के बारे में उसने कुछ नहीं बताया था।

हमलावर के एक पड़ोसी ने बताया कि वह इसाओई को तबसे जानता था जब वह मैकेनिक था और कुछ छोटे-मोटे काम करता था और कभी ऐसा नहीं लगा कि वह इतना कट्टर हो सकता है।

फ्रांस के आतंकरोधी अभियोजक ने कहा है कि संदिग्ध का 1999 में ट्यूनीशिया में जन्म हुआ था। वह 20 सितंबर को इटली के द्वीप लांपेडुसा पहुंचा और फिर वहां से नौ अक्टूबर को इटली के दक्षिणी शहर बारी पहुंचा । यह पता नहीं चल पाया है कि वह नीस शहर कब पहुंचा।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा है कि वह स्कूलों और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए तैनात जवानों की संख्या 3,000 से बढ़ाकर 7,000 करेंगे।

एपी आशीष पवनेश

पवनेश


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