पाकिस्तान के एक अस्पताल में आग लगने से 14 शिशुओं की मौत : प्रशासन

पाकिस्तान के एक अस्पताल में आग लगने से 14 शिशुओं की मौत : प्रशासन

पाकिस्तान के एक अस्पताल में आग लगने से 14 शिशुओं की मौत : प्रशासन
Modified Date: August 26, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: August 26, 2026 6:51 pm IST

इस्लामाबाद, 26 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक प्रमुख अस्पताल के स्त्री रोग वार्ड में बुधवार को भीषण आग लगने से कम से कम 14 नवजात शिशुओं की मौत हो गयी। संबंधित प्रशासन ने यह जानकारी दी।

प्राधिकारियों ने बताया कि यह आग राजधानी इस्लामाबाद के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (पीआईएमएस) में सुबह करीब सात बजे लगी।

इस्लामाबाद प्रशासन ने एक बयान में कहा कि अस्पताल के मातृ एवं शिशु वार्ड की तीसरी मंजिल पर आग लगने से 14 नवजातों की मौत हो गई।

पीआईएमएस प्रवक्ता डॉ. अनीजा जलील ने ‘डॉन’ अखबार को बताया कि जिस वार्ड में आग लगी, उसमें 15 नवजात शिशु थे।

उन्होंने कहा, ‘‘एक डॉक्टर ने कम से कम एक नवजात शिशु को बचा लिया।’’

प्रशासन के बयान के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत एवं बचाव अभियान में दमकल की छह गाड़ियां और चार एंबुलेंस तैनात की गईं।

बयान में कहा गया, ‘‘आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।’’

बयान के अनुसार घटना की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है।

पीआईएमएस प्रवक्ता जलील ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। उन्होंने कहा कि आग बुझा दी गयी है, लेकिन प्रभावित हिस्से को पूरी तरह ठंडा करने की प्रक्रिया में अभी कुछ समय लगेगा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद प्रशासन की एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने संघीय स्वास्थ्य सचिव मुहम्मद असलम गौरी को निलंबित कर दिया है।

शरीफ ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए तत्काल जांच का निर्देश दिया है।

उन्होंने इस घटना की जांच के लिए पूर्व गृह सचिव शाहिद खान की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने का भी आदेश दिया।

देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने नवजात शिशुओं की मौत को ‘‘अत्यंत हृदयविदारक और अपूरणीय क्षति’’ बताया।

जरदारी ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इससे पहले, स्थानीय मीडिया ने कहा था कि इस घटना में 15 नवजात शिशुओं की मौत हुई है।

संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने मीडिया को बताया कि वार्ड में ऑक्सीजन लाइन होने के कारण आग तेजी से फैल गई।

उन्होंने कहा कि घटना की जांच जारी है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रधानमंत्री को 14 घंटे के भीतर सौंप दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि आग लगने के समय अस्पताल के अंदर दो डॉक्टर, दो नर्स और अन्य चिकित्सा कर्मचारी भी मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री मुस्तफा कमाल ने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने कुछ नवजातों के माता-पिता से डीएनए जांच के लिए नमूने मांगे हैं, क्योंकि मृत शिशुओं में से कुछ की पहचान नहीं हो सकी है।

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन मौतों पर ‘गहरा दुख’ जताया। उन्होंने सरकार से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी उपाय करने की अपील की।

पाकिस्तान में ब्रिटिश उच्चायोग ने इस घटना को ‘हृदयविदारक’ बताया। फ्रांसीसी दूतावास ने एक बयान में कहा कि यह घटना ‘बेहद दुखद’ है और उसने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

भाषा राजकुमार सिम्मी

सिम्मी


लेखक के बारे में