इजरायल और अमेरिकी हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मौत की ऑफिशियल सूचना के बाद, नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने सम्मान और शोक के साथ अपना झंडा आधा झुका दिया। दूतावास में तैनात ईरानी अधिकारियों के बीच शोक का माहौल भी है।
इस बारें में भारत में ईरानी दूतावास ने शनिवार को बयान जारी कर इज़रायल और अमेरिका की “अपमानजनक” मांगों के आगे हथियार डालने या आत्मसमर्पण करने की किसी भी संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। (Attack on American Embassy Karachi) दूतावास ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इज़राइल की “भ्रष्ट ज़ायोनी सरकार” के सहयोग से ईरान में हवाई हमले किए, जिनमें नागरिक बुनियादी ढांचा सहित “कुछ खास स्थानों” को निशाना बनाया गया।
दूतावास के बयान में आगे कहा गया है कि तेहरान और अन्य शहरों में ये हवाई हमले आने वाले दिनों में भी जारी रहने की आशंका है। बयान में कहा गया, “आज सुबह ईरान के साहसी राष्ट्र ने संयुक्त राज्य अमेरिका की क्रूर सरकार द्वारा भ्रष्ट ज़ायोनी सरकार के सहयोग से किए गए हवाई हमले को देखा, जिसमें देश के कुछ खास स्थानों को निशाना बनाया गया। यह दुर्भावनापूर्ण कृत्य एक बार फिर वार्ता के दौरान हुआ, जो यह दर्शाता है कि दुश्मन की यह गलत धारणा कि ईरान आत्मसमर्पण करेगा, पूरी तरह विफल है।”
अपने नागरिकों के लिए की खास अपील
दूतावास ने अपने नागरिकों से शांत रहने की अपील की और इज़राइल एवं अमेरिका की “आक्रामकता” से सुरक्षित क्षेत्रों की यात्रा करने की सलाह भी दी। इसके अलावा, ईरान की इस्लामी गणराज्य सरकार ने समाज की सभी आवश्यक जरूरतों की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम व्यवस्था कर ली है, इसलिए खाद्य और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होगी। (Attack on American Embassy Karachi) नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे खरीदारी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ न लगाए, क्योंकि इससे जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
इस बीच, जारी तनाव के कारण ईरान में स्कूल और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं, जबकि बैंक सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। (Iran flag Half Mast Iran Embassy Delhi) सरकारी कार्यालय फिलहाल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कार्यरत हैं।
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