जर्मन हवाई अड्डे पर हमले की कोशिश ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ जैसी: यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक

जर्मन हवाई अड्डे पर हमले की कोशिश ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ जैसी: यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक

जर्मन हवाई अड्डे पर हमले की कोशिश ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ जैसी: यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक
Modified Date: September 2, 2026 / 03:11 pm IST
Published Date: September 2, 2026 3:11 pm IST

ब्रसेल्स, दो सितंबर (एपी) यूरोपीय संघ की एक शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को कहा कि जर्मनी के एक हवाई अड्डे पर हमले के कथित प्रयास में ‘‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’’ के संकेत दिखाई देते हैं। बर्लिन ने इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूरोपीय संघ के देश इस घटना के जवाब में उठाए जाने वाले कदमों पर विचार कर रहे हैं।

जर्मनी की सरकार ने चार अगस्त को लीपजिग/हाले हवाई अड्डे पर विस्फोटकों से लदे ड्रोन के जरिए किए गए हमले के कथित प्रयास के लिए मंगलवार को रूस को जिम्मेदार ठहराया, और अन्य कदमों के अलावा एक रूसी वाणिज्य दूतावास को बंद करने की घोषणा भी की।

ड्रोन यूक्रेन के एक विमान के पास मिला था और उसमें लगे विस्फोटक उपकरण को निष्क्रिय कर दिया गया। जर्मन अधिकारियों ने उस समय कहा था कि इस घटना से खतरे का एक नया स्तर सामने आया है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने आयरलैंड में यूरोपीय संघ के रक्षा मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने से पहले पत्रकारों से कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि इसमें राज्य प्रायोजित आतंकवाद के सभी लक्षण दिखाई देते हैं। सवाल यह है कि हम इसके बारे में क्या करते हैं।’’

पश्चिमी देशों के अधिकारी लंबे समय से मॉस्को पर विध्वंस और व्यवधान पैदा करने का अभियान चलाने का आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य यूक्रेन के लिए समर्थन को कमजोर करना और यूरोपीय देशों को अस्थिर करना है।

कालास ने कहा कि यूरोपीय संघ पहले से ही यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को लेकर और अधिक लोगों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के सैन्य तंत्र से जुड़े करीब 1,600 लोगों और संस्थाओं को प्रतिबंध सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है तथा इसमें कुछ और नाम भी जोड़े जा सकते हैं।

एपी गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल


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