एससीओ ने लाहौर को अपनी ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ घोषित किया

एससीओ ने लाहौर को अपनी ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ घोषित किया

एससीओ ने लाहौर को अपनी ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ घोषित किया
Modified Date: September 2, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: September 2, 2026 12:36 pm IST

इस्लामाबाद, दो सितंबर (भाषा) शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) ने पाकिस्तान के सांस्कृतिक केंद्र लाहौर को 2026-27 के लिए ‘पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी’ घोषित किया है।

यह घोषणा किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 26वीं बैठक में की गई जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी शामिल हुए थे।

‘डॉन’ अखबार की खबर के अनुसार 2022 से हर साल एससीओ के सदस्यों देशों के शहरों को बारी बारी से पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी का दर्जा दिया जाता है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देना है। साथ ही, यह उस देश की सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करता है जो संगठन का मौजूदा अध्यक्ष होता है। अध्यक्ष का पद भी बारी बारी से सदस्य देशों को मिलता है।

पाकिस्तान ने इस साल एससीओ की अध्यक्षता संभाली है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसकी अध्यक्षता की थीम ‘दृष्टिकोण को कार्य में बदलना: संपर्क, नवाचार और साझा समृद्धि’ तय की है।

इस साल अप्रैल में एससीओ सदस्य देशों के पर्यटन विभागों के प्रमुख की बिश्केक में मुलाकात के दौरान लाहौर को यह दर्जा देने का फैसला किया गया।

जिन शहरों को पहले यह दर्जा मिल चुका है उनमें भारत का वाराणसी (2022-23), कजाकिस्तान का अल्माटी (2023-24), चीन का किंगदाओ (2024-25) और किर्गिस्तान का चोलपोन-अता (2025-26) शामिल हैं।

वर्ष 2001 में गठित एससीओ इस साल अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है जिसका मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में है। इसमें भारत समेत 10 सदस्य देश शामिल हैं। यह शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की अध्यक्षता में बिश्केक में आयोजित किया गया था।

भाषा सुरभि संतोष

संतोष


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