बांगलादेश संसद के लिए दो हिंदुओं समेत अल्पसंख्यक समुदाय के चार उम्मीदवार निर्वाचित

बांगलादेश संसद के लिए दो हिंदुओं समेत अल्पसंख्यक समुदाय के चार उम्मीदवार निर्वाचित

बांगलादेश संसद के लिए दो हिंदुओं समेत अल्पसंख्यक समुदाय के चार उम्मीदवार निर्वाचित
Modified Date: February 16, 2026 / 05:29 pm IST
Published Date: February 16, 2026 5:29 pm IST

ढाका, 16 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश में हाल में हुए आम चुनावों में अल्पसंख्यक समुदायों के चार उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जिनमें दो हिंदू भी शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार बीएनपी के थे। बीएनपी मंगलवार को सरकार बनाने वाली है।

गोयेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के टिकट पर चुनाव जीतने वाले दो हिंदू उम्मीदवार हैं। उन्होंने ढाका की एक सीट और पश्चिमी मागुरा निर्वाचन क्षेत्र से जमात-ए-इस्लामी द्वारा मैदान में उतारे गए अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर जीत हासिल की।

रॉय बीएनपी की नीति-निर्माण संबंधी शीर्ष स्थायी समिति के सदस्य हैं, जबकि चौधरी पार्टी के प्रमुख उपाध्यक्षों में से एक होने के साथ-साथ इसके शीर्ष नेतृत्व के लिए एक वरिष्ठ सलाहकार और रणनीतिकार भी हैं।

तीसरे अल्पसंख्यक सांसद निर्वाचित हुए हैं साचिंग पुरू, जो बीएनपी के वरिष्ठ नेता और बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं। वह दक्षिणी पहाड़ी जिले बंदरबन के मरमा जनजातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हें बंदरबन से चुनाव में जीत मिली है।

चौथे अल्पसंख्यक उम्मीदवार दिपेन दीवान, बौद्ध बहुसंख्यक चकमा जातीय अल्पसंख्यक समूह से संबंधित हैं, जिन्होंने दक्षिण-पूर्वी रंगमती पहाड़ी जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। हालांकि, उनकी धार्मिक पहचान अस्पष्ट है, और कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं।

मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की जनसंख्या 17 करोड़ है, जिसमें हिंदुओं की आबादी लगभग आठ प्रतिशत है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के 79 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें 10 महिलाएं शामिल थीं। इनमें मुख्य रूप से हिंदू समुदाय के उम्मीदवार थे।

कुल 67 उम्मीदवारों को 22 राजनीतिक दलों ने नामित किया था, जबकि 12 उम्मीदवार निर्दलीय चुनावी मुकाबले में उतरे थे।

बांग्लादेश की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीबी) ने सबसे अधिक 17 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा।

वामपंथी झुकाव वाली पार्टी बांग्लादेश साम्यबादी दल (बीएसडी) ने आठ अल्पसंख्यक उम्मीदवारों, बांग्लादेश अल्पसंख्यक जनता पार्टी (बीएमजेपी) ने आठ, बांग्लादेश समाजतांत्रिक दल (बेसोद) ने सात अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था।

बीएनपी ने छह उम्मीदवार मैदान में उतारे और जातीय पार्टी ने चार उम्मीदवार नामित किए। जमात-ए-इस्लामी ने पहली बार किसी अल्पसंख्यक हिंदू उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा।

वर्ष 2024 के चुनाव में हिंदू सांसदों की संख्या 17 थी और 2018 के चुनाव में भी इतने ही हिंदू सदस्यों ने जीत हासिल की थी। इनमें से अधिकांश हसीना की अवामी लीग से संबंधित थे।

तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने चुनावों में 49.97 प्रतिशत मतों और 209 सीट के साथ दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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