Tejashwi Yadav Latest Statement: मोदी सरकार पर ‘चालाकी’ के आरोप.. महिला आरक्षण पर तेजस्वी के बोल.. भाजपा और RSS पर किया तीखा हमला, पढ़ें आप भी..

Tejashwi Yadav Latest Statement: तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाए

Tejashwi Yadav Latest Statement: मोदी सरकार पर ‘चालाकी’ के आरोप.. महिला आरक्षण पर तेजस्वी के बोल.. भाजपा और RSS पर किया तीखा हमला, पढ़ें आप भी..

Tejashwi Yadav Latest Statement || Image- ANI News File

Modified Date: April 17, 2026 / 10:36 am IST
Published Date: April 17, 2026 10:32 am IST
HIGHLIGHTS
  • तेजस्वी यादव ने परिसीमन को बताया सरकार की चालाकी
  • महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को शामिल करने की मांग
  • विपक्ष ने परिसीमन विधेयक का किया कड़ा विरोध

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। (Tejashwi Yadav Statement on Delimitation and Women’s Reservation) पूर्व सीएम के बेटे ने मीडिया से बात से करते हुए साफतौर पर कहा कि परिसीमन विधेयक को महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के साथ बड़ी चालाकी से लाया गया है।

“परिसीमन को चालाकी से घसीटा गया” : तेजस्वी यादव

पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और आरएसएस अपना एजेंडा लागू करना चाहते हैं। तेजस्वी ने कहा, “इसमें परिसीमन को चालाकी से घसीटा गया है। ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। महिलाओं के लिए आरक्षण पहले ही पारित हो चुका है और सर्वसम्मति से पारित हुआ था।”

महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की मांग

तेजस्वी ने आगे कहा कि, “हमारी मांग थी कि 50% आरक्षण दिया जाए, लेकिन ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण मिले। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसे पारित करने के बाद सरकार कहती है कि इसे 2034 में लागू किया जाएगा। अगर ऐसा करना ही था, तो पहले क्यों नहीं किया गया? असली मुद्दा परिसीमन का है। (Tejashwi Yadav Statement on Delimitation and Women’s Reservation) महिलाओं के लिए आरक्षण को सिर्फ दिखावे के लिए लाया जा रहा है। वे संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं, इसीलिए वे ऐसा कर रहे हैं। आरएसएस और भाजपा अपना एजेंडा लागू करना चाहते हैं, हम इसका विरोध कर रहे हैं।”

तीनों विधेयक लोकसभा में पेश

गौरतलब है कि, इससे पहले गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक में संशोधनों पर चर्चा करने के लिए 12 घंटे का मैराथन सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें जनगणना होने के बाद ही विधेयक को लागू करने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है। अंतिम विभाजन के अनुसार, कुल 333 वोटों में से 251 वोट पक्ष में और 185 वोट विपक्ष में पड़े। 251 वोटों के बहुमत के साथ, संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 सहित तीनों विधेयक लोकसभा में पेश किए गए।

विपक्ष कर रहा परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध

सरकार 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए वह 2023 के अधिनियम में संशोधन और परिसीमन प्रक्रिया को 2027 की जनगणना से अलग करने के लिए संवैधानिक संशोधन ला रही है। (Tejashwi Yadav Statement on Delimitation and Women’s Reservation) विपक्षी दलों ने कहा है कि वे महिला आरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने के पक्ष में हैं, लेकिन परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं।

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