बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री रहमान की भागीदारी पर चुप्पी साधी
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री रहमान की भागीदारी पर चुप्पी साधी
(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, नौ सितंबर (भाषा) बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलील-उर-रहमान ने भारत में इस सप्ताह होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शामिल होने के बारे में कुछ भी कहने से इनकार किया।
नयी दिल्ली ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को ब्रिक्स के एक सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
भारत 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव समेत दुनिया के सामने मौजूद कई गंभीर चुनौतियों पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया जाने की उम्मीद है।
रहमान ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं यहां अपने देश के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं हूं, इसलिए कृपया मुझे क्षमा करें… मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि मुझसे महासभा के अध्यक्ष के रूप में ही सवाल करें या इसी हैसियत से मुझसे संपर्क करें। यदि कोई द्विपक्षीय मुद्दा है, तो मैं अब भी विदेश मंत्री हूं और उस पर आपसे अलग से बात करूंगा।”
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ के उस सवाल के जवाब में यह बात कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
रहमान ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के लिए अध्यक्ष का पदभार संभाला और वैश्विक निकाय के वार्षिक सत्र की अध्यक्षता की जिम्मेदारी ग्रहण की।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
भारत ने तारिक रहमान को ‘बिम्सटेक’ (बहुक्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में शिखर सम्मेलन के सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
बिम्सटेक एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश, म्यांमा, नेपाल और भूटान शामिल हैं।
शिखर सम्मेलन में बांग्लादेश की भागीदारी पर दुनिया भर की करीबी नजर रहने की उम्मीद है। भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव तब बढ़ा, जब अगस्त 2024 में युवाओं के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल हुईं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आ गईं और नयी दिल्ली ने उन्हें राजनीतिक शरण दी।
इससे पहले मंगलवार को नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने को लेकर ढाका की ओर से अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में इसका विस्तार करते हुए मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसका सदस्य बना।
यह समूह एक प्रभावशाली संगठन के रूप में उभरा है, क्योंकि इसमें दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। इन देशों में दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी रहती है और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में इनकी हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत, जबकि वैश्विक व्यापार करीब 26 प्रतिशत है।
भाषा खारी शोभना
शोभना

Facebook


