साओ पाउलो, पांच अगस्त (एपी) ब्राजील सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अर्जेंटीना में अपनी राजनयिक उपस्थिति कम कर रही है।
यह फैसला अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई द्वारा अपने ब्राजीली समकक्ष लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा पर फिर से की गयी तीखी टिप्पणियों के बाद लिया गया है।
दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालिया इतिहास में पहली बार इस तरह का कदम उठाया गया है।
ब्राजील के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि मिलेई ने रविवार से अब तक तीन बार लूला को ‘‘चोर’’ कहा है। उन्होंने 25 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो की पार्टी के सम्मेलन में भी लूला के लिए इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया था। फ्लावियो अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में लूला के प्रतिद्वंद्वी होंगे।
मिलेई ने सम्मेलन के दौरान उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश अलेक्जेंड्रे डी मोरेस को भी ‘‘कूड़े के समान’’ बताया। न्यायाधीश मोरेस ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति के उस अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो से मुलाकात की अनुमति मांगी थी। बोल्सोनारो फिलहाल तख्तापलट की कोशिश के मामले में 27 वर्ष की सजा काट रहे हैं और घर में नजरबंद हैं।
ब्राजील सरकार ने जुलाई में ही ब्यूनस आयर्स स्थित अपने राजदूत जूलियो बिटेली को वापस बुला लिया था। यह कदम मिलेई द्वारा लूला पर पहली टिप्पणी किए जाने के एक दिन बाद उठाया गया था। तब से अर्जेंटीना में ब्राजील के हितों का प्रतिनिधित्व कार्यवाहक राजनयिक कर रहे हैं, जो राजदूत से निचले स्तर का पद होता है।
प्रवक्ता ने कहा कि जब तक मिलेई, लूला के खिलाफ आक्रामक बयान देना बंद नहीं करते, तब तक बिटेली अर्जेंटीना वापस नहीं जाएंगे।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने मिलेई की टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दिसंबर 2023 में मिलेई के राष्ट्रपति बनने के बाद से दोनों नेताओं के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
मिलेई, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन के लूला सरकार के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं। मंगलवार को ही अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका में ब्राजील की राजदूत का वीजा रद्द कर दिया था। यह कदम ब्राजील द्वारा पिछले महीने चुनाव से पहले अमेरिका के दो राजनयिकों को वीजा देने से इनकार करने के जवाब में उठाया गया।
लूला को रविवार को उनकी वर्कर्स पार्टी के सम्मेलन में आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा उम्मीदवार घोषित किया गया। सम्मेलन में कई नेताओं ने देश के चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका जताई।
एपी गोला सिम्मी
सिम्मी