संयुक्त राष्ट्र का समर्थक है ब्रिक्स, दोनों की तुलना करना ठीक नहीं: जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र का समर्थक है ब्रिक्स, दोनों की तुलना करना ठीक नहीं: जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र का समर्थक है ब्रिक्स, दोनों की तुलना करना ठीक नहीं: जयशंकर
Modified Date: September 26, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: September 26, 2026 10:32 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 26 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र जैसे समूहों के बीच किसी एक को चुनने की बात करना ठीक नहीं है और विभिन्न देश इसमें सुधार देखना चाहते हैं।

जयशंकर ने कहा, “…मुझे लगता है कि यह विकल्प देना गलत है। संयुक्त राष्ट्र की अपनी जगह है। इसमें कई कमियां हो सकती हैं। इसकी कई उपलब्धियां भी हैं, और जाहिर है, जब आप इसमें सुधार करना चाहते हैं, जब आप इसे बदलना चाहते हैं, तो कमियों पर ध्यान केंद्रित करना स्वाभाविक है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन कमियों के कारण हमें संयुक्त राष्ट्र को खारिज कर देना चाहिए।”

जयशंकर बृहस्पतिवार को यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर ‘रप्चर्स एंड रैम्पार्ट्स: बिल्डिंग ब्रिजेस फॉर ए चेंजिंग वर्ल्ड’ विषय पर एक सत्र को संबोधित कर रहे थे।

विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने बहुत महत्वपूर्ण तरीकों से दुनिया की सेवा की है।

उन्होंने कहा, “अगर संयुक्त राष्ट्र नहीं होता, तो हम सभी यहां बैठकर एक नया संगठन बनाने की कोशिश कर रहे होते।”

जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स या दूसरे समूह भी उन देशों के “एक साथ आने” से बने हैं, जिनका एक निश्चित दृष्टिकोण, हित या नजरिया है और वे तालमेल बनाने में सहज हैं।

भारत द्वारा 12-13 सितंबर को आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “ब्रिक्स की राय है कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका है।”

जयशंकर ने कहा, “इसलिए यह ब्रिक्स या संयुक्त राष्ट्र का सवाल नहीं है। ब्रिक्स संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करता है और ब्रिक्स में शामिल अधिकतर देश संयुक्त राष्ट्र में सुधार चाहते हैं, कुछ देश दूसरों की तुलना में अधिक सुधार चाहते हैं।”

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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