भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में योगदानकर्ता बनने से खुश है अमेरिका: मॉरिसन
भारत के ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में योगदानकर्ता बनने से खुश है अमेरिका: मॉरिसन
न्यूयॉर्क, 26 सितंबर (भाषा) पिछले एक साल में भारत और अमेरिका के संबंध काफी मजबूत हुए हैं, तथा नयी दिल्ली द्वारा अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाए जाने के क्रम में वाशिंगटन उसके लिए ऊर्जा के एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है। यह बात एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कही।
अमेरिका की उप सहायक विदेश मंत्री बेथनी मॉरिसन ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब ऊर्जा, रक्षा, व्यापारिक सहयोग और बहुपक्षीय जुड़ाव तक फैल गए हैं, तथा दक्षिण एशिया ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बन गया है।
न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर में आयोजित गोलमेज चर्चा में मॉरिसन ने कहा, ‘‘अगर आप भारत को देखें, तो पिछले एक साल में अमेरिका-भारत साझेदारी के तहत इस रिश्ते का दायरा और विस्तारित हुआ है।’’
उन्होंने बढ़ती साझेदारी के उदाहरण के तौर पर भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के रक्षा अवसंरचना समझौते एवं ऊर्जा क्षेत्र में नयी पहलों का भी ज़िक्र किया।
मॉरिसन ने कहा, ‘‘भारत ने 20 साल में पहली बार शांति अधिनियम पारित कर अपनी परमाणु नियामक प्रणाली में सुधार किया है, और अब हम असैन्य परमाणु सहयोग के क्षेत्र में कुछ बहुत ही रोमांचक घटनाक्रम की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि हम भारत को एलपीजी निर्यात करने वाले सबसे बड़े देश हैं। इसलिए, जब हम ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों को अपनाने की बात करते हैं, तो हमें खुशी होती है कि अमेरिका अब वह आपूर्तिकर्ता बन रहा है।’’
भाषा नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

Facebook


