लंदन, 21 सितंबर (एपी) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कभी कहा था कि वह डोनाल्ड ट्रंप से नहीं मिलेंगे, हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ वह अब अपनी पहली बैठक करने वाले हैं तथा यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्ष की बढ़ती लागत उनके एजेंडे में शीर्ष पर है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दोनों नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर बैठक करेंगे। बर्नहम मंगलवार को विश्व के नेताओं की वार्षिक बैठक को संबोधित करेंगे और बिखरी हुई विश्व व्यवस्था में ब्रिटेन की भूमिका के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे।
जुलाई में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से बर्नहम की पहली विदेश यात्रा कीव की थी। उन्होंने कहा है कि वह ट्रंप से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलें भेजने का आग्रह करेंगे क्योंकि युद्ध फिर से सर्दियों के मौसम में प्रवेश करने वाला है।
ब्रिटेन सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बहाल करने के तरीकों पर भी चर्चा करना चाहती है। फरवरी में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल के संघर्ष की शुरुआत के बाद से यह जलमार्ग ज्यादातर समय बंद रहा है। इस अहम जलमार्ग के बंद होने के कारण तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे ब्रिटेन की सुस्त अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और जीवन-यापन की लागत को कम करने की बर्नहम की कोशिशों में मुश्किलें आ रही हैं।
लेबर पार्टी के कई नेताओं की तरह, बर्नहम ने भी पूर्व में ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। 2017 में ग्रेटर मैनचेस्टर का महापौर रहने के दौरान बर्नहम ने कहा था कि शहर में राष्ट्रपति (ट्रंप) का स्वागत नहीं किया जाएगा। दो साल बाद उन्होंने कहा था कि अगर ट्रंप वहां आते हैं, तो वह उनसे मिलने से इनकार कर देंगे।
जुलाई में प्रधानमंत्री बनने के बाद, बर्नहम ने कहा कि वह हमेशा अन्य नेताओं के साथ सहमति के साझा आधार तलाशने की कोशिश करते हैं।
केअर स्टार्मर की जगह बर्नहम के लेबर पार्टी की बागडोर संभालने के बाद से बर्नहम और ट्रंप के बीच दो बार बातचीत हुई है। ट्रंप ने बर्नहम को ‘‘शानदार व्यक्ति’’ कहा है, लेकिन हाल ही में उन्होंने आयरिश एकीकरण का समर्थन करके और फॉकलैंड द्वीप समूह (जिन पर ब्रिटेन और अर्जेंटीना दोनों अपना दावा करते हैं) के भविष्य के बारे में बात करके ब्रिटेन के अधिकारियों के लिए परेशानी पैदा की है।
लेबर पार्टी की अध्यक्ष ब्रिजेट फिलिप्सन ने रविवार को ‘टाइम्स रेडियो’ से कहा, ‘‘हम हर बात पर अमेरिकी प्रशासन से सहमत नहीं होंगे। हमारी राजनीतिक परंपराएं और काम करने के तरीके अलग-अलग हैं। लेकिन संबंध को बनाए रखना हमारे राष्ट्रीय हित के लिए बहुत जरूरी है और मुझे पता है कि एंडी बर्नहम हमेशा यही नजरिया अपनाएंगे और राष्ट्र को सर्वोपरि रखेंगे।’’
एपी सुभाष प्रशांत
प्रशांत