कनाडा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का हमेशा बचाव करेगा: ट्रूडो ने किसानों के प्रदर्शन पर कहा

कनाडा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का हमेशा बचाव करेगा: ट्रूडो ने किसानों के प्रदर्शन पर कहा

कनाडा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का हमेशा बचाव करेगा: ट्रूडो ने किसानों के प्रदर्शन पर कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:32 pm IST
Published Date: December 1, 2020 10:18 am IST

टोरंटो, एक दिसम्बर (भाषा) कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि उनका देश शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का हमेशा बचाव करेगा। उन्होंने नये कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर चिंता जताई।

इस मुद्दे पर अपने विचार रखने वाले, भारत के बाहर विश्व के वह पहले नेता हैं।

गुरु नानक देव की 551वीं जयंती के मौके पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कनाडा में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ट्रूडो ने कहा कि यदि वह ‘‘ किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बारे में भारत से आने वाली खबरों’’ को नजरअंदाज करते हैं तो वह कुछ चूक करेंगे।

नये कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसानों का प्रदर्शन मंगलवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा।

भारत सरकार ने प्रदर्शन कर रहे सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मंगलवार को एक बैठक बुलाई है।

ट्रूडो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, ‘‘हालात बेहद चिंताजनक हैं और हम परिवार तथा दोस्तों को लेकर परेशान हैं। हमें पता है कि यह कई लोगों के लिए सच्चाई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपको याद दिला दूं, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा खड़ा रहेगा। हम बातचीत में विश्वास करते हैं। हमने भारतीय अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखी हैं।’’

ट्रूडो ने कहा कि यह वक्त सबके साथ आने का है। उन्होंने कहा, ‘‘एक साथ मिलकर काम करना जारी रखने और एक दूसरे की मदद करने के वास्ते हम वहां जा रहे हैं।’’

गुरु नानक देव की जयंती की बधाई देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह इस वर्ष एक साथ आने का महत्वपूर्ण समय है क्योंकि कोविड महामारी ने सभी को अलग कर रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक साथ आना और इस तरह जश्न मनाना वास्तव में अद्भुत है।’’

कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, जो ज्यादातर पंजाब से हैं।

भाषा

देवेंद्र मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में