बीजिंग, 27 मई (भाषा) चीन ने ‘क्वाड’ देशों की मंत्रीस्तरीय बैठक पर बुधवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उसके पड़ोस में समुद्री मामलों में दखल देना बंद कर देना चाहिए।
बैठक में पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई थी।
नयी दिल्ली में मंगलवार को हुई ‘क्वाड’ की बैठक से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर में स्थिति कुल मिलाकर स्थिर है।
‘क्वाड’ अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया का समूह है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और चीन का नाम लिए बिना क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरे में डालने की निंदा की।
निंग ने कहा, ‘‘कुछ देशों को चीन के पड़ोस में समुद्री मामलों में दखल देना बंद कर देना चाहिए और शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय देशों के प्रयासों का ईमानदारी से सम्मान करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग छोटे-छोटे गुटों को जोड़ने, तनाव बढ़ाने और टकराव कराने की कोशिश करते हैं, उन्हें समर्थन नहीं मिलेगा।’’
चीन, दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपीन, मलेशिया, वियतनाम, ब्रुनेई और ताइवान भी इस पर अपना दावा जताते हैं।
पूर्वी चीन सागर में, बीजिंग का टोक्यो के साथ सेन्काकू नामक निर्जन द्वीपों को लेकर समुद्री विवाद है, जिन पर जापान का नियंत्रण है।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश