चीन ने ‘स्टील्थ पोत-रोधी क्रूज मिसाइल’ का परीक्षण किया: रिपोर्ट
चीन ने ‘स्टील्थ पोत-रोधी क्रूज मिसाइल’ का परीक्षण किया: रिपोर्ट
बीजिंग, 26 अगस्त (भाषा) चीन ने रडार से बचने में सक्षम ‘स्टील्ड पोत-रोधी क्रूज मिसाइल’ का परीक्षण किया है। बुधवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने सैन्य विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि काले रंग की परत वाली यह मिसाइल वाईजे-18ए का नया संस्करण है, जो समुद्र के ऊपर मिसाइल की मारक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ गहरे पानी में खुद को छिपा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात समुद्री क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण के दौरान नौसेना के एक जहाज की ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण प्रणाली से एक मिसाइल दागी गई। नयी पोत-रोधी मिसाइल की उच्चतम क्षमता परखने के लिए यह परीक्षण किया गया।
सरकारी प्रसारक ‘सीसीटीवी’ ने शनिवार को इसका वीडियो जारी किया था जिसमें मिसाइल पर काली परत स्पष्ट रूप से दिख रही थी।
विशेषज्ञों ने इस मिसाइल को वाईजे-18ए का एक संस्करण बताया है। यह पोत-रोधी मिसाइल पहले धीमी गति से उड़ान भरती है और लक्ष्य के पास पहुंचने पर सुपरसोनिक यानी ध्वनि की गति से कहीं अधिक तेज गति से हमला करती है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे अक्सर 7,500 टन वजनी टाइप-052डी और 12,000 टन वजनी टाइप-055 विध्वंसक युद्धपोतों पर तैनात किया जाता है।
चीनी सैन्य मामलों के टिप्पणीकार और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्व प्रशिक्षक सोंग झोंगपिंग ने ‘पोस्ट’ को बताया कि काली परत एक तरह की स्टील्थ परत है जिसमें रडार की तरंगों को सोखने की मजबूत क्षमता होती है। इससे दुश्मन के रडार की ओर वापस परावर्तित होने वाली रडार ऊर्जा कम हो जाती है और मिसाइल का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
सोंग ने कहा कि काली परत का एक अन्य उद्देश्य भी है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मान लेना ठीक नहीं है कि समुद्र हमेशा नीला होता है। वास्तव में, गहरे समुद्र का रंग काफी गहरा, यहां तक कि काला भी हो सकता है। इसलिए समुद्र के रंग से मिलती-जुलती यह मिसाइल रडार से बचाव के साथ-साथ नजरों से छिपने में भी मदद करती है।’’
मूल वाईजे-18 की मारक क्षमता 540 किलोमीटर है, जो रूस की 3एम-54ई पनडुब्बी से प्रक्षेपित पोत रोधी मिसाइल प्रणाली से विकसित की गई है।
सरकारी समाचार पत्र ‘चाइना डेली’ की एक खबर के अनुसार, यह 966 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरती है और लक्ष्य के करीब पहुंचने पर इसका वारहेड मैक-3 की गति पकड़ सकता है।
चीनी सेना हाल के वर्षों में लड़ाकू विमानों और नौसैनिक फ्रिगेट सहित स्टील्थ प्रौद्योगिकियों पर अधिक ध्यान दे रही है। स्टील्थ से तात्पर्य ऐसी तकनीक से है, जिससे किसी विमान, ड्रोन, जहाज या मिसाइल को रडार और अन्य निगरानी प्रणालियों की मदद से पकड़ना मुश्किल होता है।
इसमें छठी पीढ़ी के स्टील्थ विमान के साथ-साथ स्टील्थ ड्रोन, नौसैनिक विमानन और दुश्मन के स्टील्थ विमानों का पता लगाने या उन्हें निष्क्रिय करने के लिए विकसित प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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