चीन ने कनाडा से अमेरिकी प्रभाव से निकलने का आग्रह किया

चीन ने कनाडा से अमेरिकी प्रभाव से निकलने का आग्रह किया

चीन ने कनाडा से अमेरिकी प्रभाव से निकलने का आग्रह किया
Modified Date: January 13, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: January 13, 2026 9:28 pm IST

बीजिंग, 13 जनवरी (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बुधवार को चीन के दौरे पर आने से पहले चीन के सरकारी मीडिया ने कनाडा सरकार से अमेरिका से अलग विदेश नीति अपनाने का आह्वान किया।

चीन के सरकारी अख़बार ‘चाइना डेली’ में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा गया कि यदि कनाडा पक्ष पिछले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में आई गिरावट के मूल कारणों पर विचार करे, तो उसे यह समझ में आएगा कि चीन से जुड़े मामलों में अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखकर वह उसी तरह के परिणामों से बच सकता है।’’

संपादकीय में कहा गया कि कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की नीतियां अमेरिका के साथ मिलकर चीन को घेरने पर केंद्रित थीं।

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कनाडा भौगोलिक और अन्य दृष्टियों से लंबे समय से अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहा है। हालांकि चीन को उम्मीद है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अन्य देशों के खिलाफ कड़े आर्थिक कदमों और अब, सैन्य कार्रवाई इस दीर्घकालिक संबंध को कमजोर कर देगी।

पिछले साल कनाडा के प्रधानमंत्री का पदभार संभालने वाले मार्क कार्नी चीन के साथ उन संबंधों को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं जो उनके पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में प्रभावित हुआ था।

कार्नी का ध्यान व्यापार पर है और चीन की यात्रा को दुनिया भर में नयी साझेदारियां बनाने की दिशा में एक कदम के रूप में वर्णित किया है ताकि अमेरिकी बाजार पर कनाडा की आर्थिक निर्भरता को समाप्त किया जा सके। कनाडा के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि कार्नी की यात्रा से व्यापार में प्रगति होगी।

ट्रंप ने कनाडा के अमेरिकी निर्यात पर कड़े शुल्क लगाए हैं और सुझाव दिया है कि वह अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है।

संपादकीय में कहा गया, ‘यदि कनाडा भविष्य में भी अपनी चीन नीति को अमेरिका की इच्छा के अधीन करने का विकल्प चुनता है, तो चीन के साथ संबंधों को सुधारने के उसके प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे।’

एपी ्रबआशीष पवनेश

पवनेश


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