चीन में नये कंडोम कर से देश की घटती जन्म दर पर कोई असर नहीं पड़ेगा
चीन में नये कंडोम कर से देश की घटती जन्म दर पर कोई असर नहीं पड़ेगा
(डुडले एल. पोस्टन जूनियर, टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी)
कॉलेज स्टेशन (अमेरिका), 18 जनवरी (द कन्वरसेशन) कभी दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश रहा चीन अब कई उन एशियाई देशों में से शामिल है, जो कम जन्मदर की समस्या से जूझ रहे हैं। देश में प्रति महिला बच्चों की संख्या 1.0 होने के कारण इसे दोगुना करने के प्रयास में बीजिंग अब एक नया तरीका अपना रहा है: कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों और अन्य गर्भनिरोधक उपायों पर कर लगाना।
एक जनवरी से, इन वस्तुओं पर 13 प्रतिशत मूल्य संवर्धित कर (वैट) लगाया गया है। इसके विपरीत, बाल देखभाल और जीवनसाथी खोज जैसी सेवाओं पर अब भी कोई कर नहीं है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब चीन ने पिछले साल एक राष्ट्रीय बाल देखभाल कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन (लगभग 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का बजट आवंटित किया था। इसके तहत परिवारों को हर तीन साल या उससे कम उम्र के बच्चे के लिए लगभग 3,600 युआन (500 अमेरिकी डॉलर से अधिक) का एकमुश्त भुगतान दिया जाएगा।
“मैंने चीन की जनसांख्यिकी का लगभग 40 सालों तक अध्ययन किया है और जानता हूं कि देश की कम्युनिस्ट सरकार द्वारा जन्म दर बढ़ाने के लिए किए गये पहले के प्रयास, जिनमें जोड़ों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया, कामयाब नहीं रहे। मुझे नहीं लगता कि ये नए कदम जन्म दर में गिरावट को पलटने में कोई खास असर डालेंगे, जो अब दुनिया की सबसे कम जन्म दरों में से एक है।”
कई मायनों में, गर्भनिरोधक पर 13 प्रतिशत कर प्रतीकात्मक है। एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन (करीब 7 अमेरिकी डॉलर) है और गर्भनिरोधक गोलियों की एक महीने की खुराक का औसत लगभग 130 युआन (19 अमेरिकी डॉलर) है। नया कर खर्च में कोई बड़ी वृद्धि नहीं है, बल्कि हर महीने कुछ ही डॉलर का फर्क पड़ेगा।
इसे चीन में बच्चे पालने की औसत लागत से तुलना करें – जो अनुमानित रूप से 538,000 युआन (77,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक) है और शहरी क्षेत्रों में यह लागत और भी अधिक है। छत्तीस- वर्षीय एक पिता ने एक बार बीबीसी से कहा था कि वह कीमत बढ़ने को लेकर चिंतित नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “एक पैकेट कंडोम की कीमत शायद पांच युआन अधिक चुकानी पड़े, हो सकता है कि 10 युआन, अधिकतम 20 युआन। पूरे साल में यह बस कुछ सौ युआन ही होते हैं, जो पूरी तरह से वहन करने योग्य है।”
चीन उन कई देशों में से एक है, जिन्होंने कम जन्म दर को बढ़ाने के लिए बच्चों को बढ़ावा देने वाली नीतियां अपनाई हैं, लेकिन ये नीतियां अक्सर असरदार नहीं होतीं।
द कन्वरसेशन
अमित सुरेश
सुरेश

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