डेनमार्क के पूर्व सैनिकों ने कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया

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डेनमार्क के पूर्व सैनिकों ने कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 09:25 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 09:25 PM IST

कोपेनहेगन, 31 जनवरी (एपी) डेनमार्क के पूर्व सैनिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी दिये जाने समेत युद्ध में उनके योगदान को कमतर करके आंके जाने के खिलाफ शनिवार को यहां अमेरिकी दूतावास के बाहर मौन प्रदर्शन किया।

इन पूर्व सैनिकों में कई अमेरिकी सैनिकों के साथ मिलकर लड़ाइयां लड़ चुके हैं।

पूर्व सैनिकों एवं उनसे जुड़े लोगों के संगठन ‘डेनिश वेटरन्स एंड वेटरन सपोर्ट’ ने एक बयान में कहा, ‘‘डेनमार्क हमेशा अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। जब भी अमेरिका ने हमसे कहा है, हम दुनिया के संकटग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद रहे हैं। हम ट्रंप प्रशासन से निराश और अपमानित महसूस कर रहे हैं, जो जानबूझकर अमेरिका के साथ डेनमार्क की साझेदारी को नजरअंदाज कर रहा है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता कि हमें इस बात से कितना दुख होता है कि लोकतंत्र, शांति और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में डेनमार्क के योगदान और बलिदान को व्हाइट हाउस में भुला दिया गया है।’’

पूर्व सैनिक सबसे पहले डेनमार्क के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने वाले स्मारक पर एकत्र हुए और फिर पास के अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च किया।

नाटो के सदस्य देश डेनमार्क के पूर्व सैनिक व्हाइट हाउस के बयान से बेहद नाराज हैं जिसमें ग्रीनलैंड के आत्मनिर्णय के अधिकार की अनदेखी की गई है। ग्रीनलैंड क्षेत्र डेनमार्क का हिस्सा है।

ये पूर्व सैनिक ट्रंप के इस दावे का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं कि डेनमार्क आर्कटिक में पश्चिम के सुरक्षा हितों की रक्षा करने में असमर्थ है।

एपी राजकुमार संतोष

संतोष